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Tuesday, June 28, 2016

**बच्चों का बिस्तर पर पेशाब करना**

बच्चा अगर सोने से पहले दूध पीता हैं तो उसे एक घंटे पहले पिलायें
और सोने से पहले पेशाब जरुर कराएँ
बच्चों का बिस्तर पर पेशाब करना -
बच्चों का थोड़ा बड़े होने पर पेशाब करना एक
आम समस्या है | इस समस्या के बहुत से कारण हो
सकते हैं | कई अनुभवियों के अनुसार स्नायु विकृति
के कारण या पेट में कीड़े होने पर भी बच्चे सोते हुए
बिस्तर पर पेशाब कर देते हैं | पेशाब की नली में
रोग के कारण भी बच्चा सोते हुए पेशाब कर देता
है | कई बार कुछ गरिष्ठ भोजन व ठंडे पदार्थों के
अधिक सेवन से भी यह समस्या उत्पन्न हो जाती
है | इस समस्या को समाप्त करने के लिए कोई भी
औषधि देने से पूर्व माता-पिता को बच्चे के
भोजन की कुछ आदतें सुधारनी जरूरी हैं | बच्चों
को सोने से एक घंटा पहले भोजन करा देना
चाहिए और सोने के बाद उसे जगाकर कुछ भी
खाने-पीने को नहीं देना चाहिए | बच्चे को
बिस्तर पर जाने से पहले एक बार पेशाब अवश्य
करा देना चाहिए |
कुछ औषधियों द्वारा भी इस समस्या का
समाधान सम्भव है -
१- पचास ग्राम अजवायन का चूर्ण कर लें |
प्रतिदिन एक ग्राम चूर्ण को रात को सोने से
पूर्व बच्चे को खिलाएं | ऐसा कुछ दिनों तक
नियमित रूप से करने से यह रोग ठीक हो जाता है
|
२- दो मुनक्कों के बीज निकालकर उसमें १-१
काली मिर्च डालकर बच्चों को रात को सोने
से पहले खिला दें | ऐसा दो हफ़्तों तक नियमित
रूप से सेवन करने से यह बीमारी दूर हो जाती है |
३- प्रतिदिन दो अखरोट और बीस किशमिश
बच्चों को खिलाने से बिस्तर में पेशाब करने की
समस्या दूर हो जाती है |
४- रात को सोते समय बच्चों को शहद खिलाने
से यह रोग समाप्त हो जाता है |
५- जामुन की गुठलियों को छाया में सुखाकर
बारीक पीस लें | इस चूर्ण का २-२ ग्राम दिन में
दो बार पानी के साथ सेवन करने से बच्चे बिस्तर
पर पेशाब करना बंद कर देते हैं |
६- २५० मिली दूध में एक छुहारा डालकर उबाल लें
| इसे दो घंटे तक रखा रहने दें | इसके बाद इसमें से
छुहारा निकाल कर बच्चे को खिला दें और इस
दूध को हल्का गर्म करके ऊपर से पिला दें | ऐसा
प्रतिदिन करने से कुछ ही दिनों में बच्चों का
बिस्तर पर पेशाब करना बंद हो जाता है |

Monday, June 27, 2016

**भोजन द्वारा स्वास्थ्य**

केला: ब्लडप्रेशर नियंत्रित करता है,हड्डियों को मजबूत बनाता है,हृदय की सुरक्छा करता है,अतिसार में लाभदायक है, खांसी में हितकारी है। जामुन: केन्सर की रोक थाम , हृदय की सुरक्क्छा,कब्ज मिटाता है,स्मरण शक्ति बढाता है,रक्त शर्करा नियंत्रित करता है।डायबीटीज में अति लाभदायक। सेवफ़ल: हृदय की सुरक्छा करता है,दस्त रोकता है,कब्ज में फ़ायदेमंद है,फ़ेफ़डे की शक्ति बढाता है. चुकंदर: वजन घटाता है,ब्लडप्रेशर नियंत्रित करता है,अस्थिक्छरण रोकता है,केंसर के विरुद्ध लडता है,हृदय की सुरक्छा करता है। पत्ता गोभी: बवासीर में हितकारी है,हृदय रोगों में लाभदायक है,कब्ज मिटाता है, वजन घटाने में सहायक है।, केंसर में फ़ायदेमंद है। गाजर: नेत्र ज्योति वर्धक है, केंसर प्रतिरोधक है, वजन घटाने मं सहायक है, कब्ज मिटाता है, हृदय की सुरक्छा करता है। फ़ूल गोभी हड्डियों को मजबूत बनाता है, स्तन केंसर से बचाव करता है, प्रोस्टेट ग्रंथि के केंसर में भी उपयोगी है, चोंट,खरोंच ठीक करता है। लहसुन: कोलेस्टरोल घटाती है, रक्त चाप घटाती है, कीटाणुनाशक है,केंसर से लडती है। शहद: घाव भरने में उपयोगे है, पाचन क्रिया सुधारती है, एलर्जी रोगों में उपकारी है, अल्सर से मुक्तिकारक है, तत्काल स्फ़ूर्ती देती है। नींबू: त्वचा को मुलायम बनाता है,केंसर अवरोधक है, हृदय की सुरक्छा करता है,,ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है, स्कर्वी रोग नाशक है। अंगूर: रक्त प्रवाह वर्धक है, हृदय की सुरक्छा करता है, केंसर से लडता है, गुर्दे की पथरी नष्ट करता है, नेत्र ज्योति वर्धक है। आम: केंसर से बचाव करता है,थायराईड रोग में हितकारी है, पाचन शक्ति बढाता है, याददाश्त की कमजोरी में हितकर है। प्याज: फ़ंगस रोधी गुण हैं, हार्ट अटेक की रिस्क को कम करता है। जीवाणु नाशक है,केंसर विरोधी है। खराब कोलेस्टरोल को घटाता है। अलसी के बीज: मानसिक शक्ति वर्धक है, रोग प्रतिकारक शक्ति को ताकत देता है, डायबीटीज में उपकारी है, हृदय की सुरक्छा करता है, डायजेशन को ठीक करता है। संतरा: हृदय की सुरक्छा करता है, रोग प्रतिकारक शक्ति उन्नत करता है,, श्वसन पथ के विकारों में लाभकारी है, केंसर में हितकारी है। ------------------------------------------------------- टमाटर: कोलेस्टरोल कम करता है, प्रोस्टेट ग्रंथि के स्वास्थ्य के लिये उपकारी है,केंसर से बचाव करता है, हृदय की सुरक्छा. ------------------------------------------------- पानी: गुर्दे की पथरी नाशक है, वजन घटाने में सहायक है, केसर के विरुद्ध लडता है, त्वचा के चमक बढाता है। अखरोट: मूड उन्नत करन में सहायक है, मेमोरी पावर बढाता है,केंसर से लड सकता है, हृदय रोगों से बचाव करता है,कोलेस्टरोल घटाने मं मददगार है। तरबूज: स्ट्रोक रोकने में उपयोगी है, प्रोस्टेट के स्वास्थ्य के लिये हितकारी है, रक्तचाप घटाता है, वजन कम करने में सहायक है। अंकुरित गेहूं: बडी आंत की केंसर से लडता है, कब्ज प्रतिकारक है, स्ट्रोक से रक्छा करता है, कोलेस्टरोल कम करता है, पाचन सुधारता है। चावल: किडनी स्टोन में हितकारी है, डायबीटीज में लाभदायक है,स्ट्रोक से बचाव करता है, केंसर से लडता है, हृदय की सुरक्छा करता है। आलू बुखारा: हृदय रोगों से बचाव करता है, बुढापा जल्द आने से रोकता है, याददाश्त बढाता है, कोलेस्टरोल घटाता है, कब्ज प्रतिकारक है। पाएनेपल: अतिसार(दस्त) रोकता है, वार्ट्स(मस्से) ठीक करता है, सर्दी,ठंड से बचाव करता है, अस्थि क्छरण रोकता है। पाचन सुधारता है। जौ,जई: कोलेस्टरोल घटाता है,केंसर से लडता है, डायबीटीज में उपकारी है,,कब्ज प्रतिकारक् है ,त्वचा पर शाईनिंग लाता है। अंजीर: रक्त चाप नियंत्रित करता है, स्ट्रोक्स से बचाता है, कोलेस्टरोल कम करता है, केंसर से लडता है,वजन घटाने में सहायक है। शकरकंद: आंखों की रोशनी बढाता है,मूड उन्नत करता है, हड्डिया बलवान ब चमत्कारिक स्वास्थ्य योग चमत्कारिक चूर्ण250 ग्राम मैथीदाना100 ग्राम अजवाईन50 ग्राम काली जीरीउपरोक्त तीनो चीजों को साफ-सुथरा करके हल्का-हल्का सेंकना(ज्यादा सेंकना नहीं) तीनों को अच्छी तरह मिक्स करके मिक्सर में पावडर बनाकर अच्छा पैक डिब्बा-शीशी या बरनी में भर लेवें ।रात्रि को सोते समय चम्मच पावडर एक गिलास पूरा कुन-कुना पानी के साथ लेना है। गरम पानी के साथ ही लेना अत्यंत आवश्यक है लेने के बाद कुछ भी खाना पीना नहीं है। यह चूर्ण सभी उम्र के व्यक्ति ले सकतें है।चूर्ण रोज-रोज लेने से शरीर के कोने-कोने में जमा पडी गंदगी(कचरा) मल और पेशाब द्वारा बाहर निकल जाएगी । पूरा फायदा तो 80-90 दिन में महसूस करेगें, जब फालतू चरबी गल जाएगी, नया शुद्ध खून का संचार होगा । चमड़ी की झुर्रियाॅ अपने आप दूर हो जाएगी। शरीर तेजस्वी, स्फूर्तिवाला व सुंदर बन जायेगा ।‘‘फायदे’’1. गठिया दूर होगा और गठिया जैसा जिद्दी रोग दूर हो जायेगा ।2. हड्डियाँ मजबूत होगी ।3. आख का तेज बढ़ेगा ।4. बालों का विकास होगा।5. पुरानी कब्जियत से हमेशा के लिए मुक्ति।6. शरीर में खुन दौड़ने लगेगा ।7. कफ से मुक्ति ।8. हृदय की कार्य क्षमता बढ़ेगी ।9. थकान नहीं रहेगी, घोड़े की तहर दौड़ते जाएगें।10. स्मरण शक्ति बढ़ेगी ।11. स्त्री का शारीर शादी के बाद बेडोल की जगह सुंदर बनेगा ।12. कान का बहरापन दूर होगा ।13. भूतकाल में जो एलाॅपेथी दवा का साईड इफेक्ट से मुक्त होगें।14. खून में सफाई और शुद्धता बढ़ेगी ।15. शरीर की सभी खून की नलिकाए शुद्ध हो जाएगी ।16. दांत मजबूत बनेगा, इनेमल जींवत रहेगा ।17. नपुसंकता दूर होगी।18. डायबिटिज काबू में रहेगी, डायबिटीज की जो दवा लेते है वह चालू रखना है। इस चूर्ण का असर दो माह लेने के बाद से दिखने लगेगा । जिंदगी निरोग, आनंददायक, चिंता रहित स्फूर्ति दायक और आयुष्ययवर्धक बनेगी । जीवन जीने योग्य बनेगा

Saturday, June 25, 2016

आवश्यक जानकारी बिना पढ़े मत छोड़ना सभी को अपनाना भी सेहत के लिए फायदेमंद हल्दी पानी सुबह क्यों ले ?

आमतौर पर देखा गया है कि लोग उठते ही गर्म पानी या फिर निम्बू पानी का सेवन करते है जिससे कि उनका पेट साफ़ हो और खुल कर शरीर की गंदगी बाहर निकल जाए वैसे तो ये है ही फायदेमंद ,मगर यदि इसमें थोड़ी सी हल्दी यदि मिक्स कर दी जाए तो इसके गुणों में भारी इजाफा हो जाता है तो फिर देर किस बात की कल से ही शुरू करे ये हल्दी वाला पानी तो आइये जानते है हम इसे कैसे बनायेगे - एक गिलास पानी में आप आधा नीबू निचोड़ कर उसमे चौथाई चम्मच हल्दी मिला कर चला कर मिक्स कर ले फिर उसमे आधा या फिर पूरा एक चम्मच अपनी आवश्यकता अनुसार शहद मिला ले - और इसका सेवन करे फायदे --- 1- आपको पता है कि हल्दी एक ताकतवर एंटी-आक्सीडेंट भी है एंटी-कैंसर के गुणों से भरपूर है ये-इसमें करक्यूमिन होने के कारण कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं से भी लडती है - 2- क्या आप जानते है कि हल्दी का सेवन रोज करने से पित्त जादा बनता है जिससे हमारे खाने को पचाने की क्षमता विकसित हो जाती है लेकिन अधिक मात्रा किसी भी चीज की नुकसानदायक होती है - 3- शरीर में सूजन कितनी भी क्यों न हो हल्दी सूजन को कम करने में सहायक है इसमें करक्यूमिन नामक एक रसायन पाया जाता है जो दवा के रूप में काम करता है इसीलिए आपने देखा होगा किसी को भी चोट लग जाती है तो हमारे बुजुर्ग हल्दी दूध में डालकर पिलाते थे- 4- हल्दी दिमाग के लिए भी फायदेमंद होती है जिनको भूलने जैसी बिमारी है वो इसका सेवन करके अपनी इस बिमारी को काफी हद तक कम कर सकते है- 5- जिन लोगो की खून की धमनियों में ब्लोकेज की शिकायत है उनको तो अवस्य ही हल्दी वाला पानी सेवन करना लाभदायक है क्युकि हल्दी खून को जमने से रोकता है अदरक भी खून को पतला रखती है और ब्लाकेज से बचाती है - 6- जो लोग नियमित हल्दी वाला पानी उपयोग करते है उनके चेहरे व शरीर पर रैडिकल्स कम होते है इससे आपके शरीर पर उम्र का असर कम दीखता है - 7- एक रिसर्च के अनुसार हल्दी के सेवन से ग्लूकोज का लेबल कम हो सकता है अर्थात डायबिटीज (मधुमेह) का खतरा टाला जा सकता है - 8- अर्थराइटिस होने पर हल्दी वाला पानी -इसमें करक्यूमिन होने के कारण जोड़ो के दर्द और सूजन को दूर करके आपको काफी हद तक राहत पहुंचाता है - 9- आपके लीवर के खराब हो चुके सेल्स को ठीक करने में हल्दी आपकी बहुत मदद करता है तथा पित्ताशय की प्रक्रिया को भी चुस्त और दुरुस्त रखता है - 10- यदि किसी कारण से शरीर के बाहरी या अंदरूनी हिस्से में चोट लग जाए-तो हल्दी वाला दूध उसे जल्द से जल्द ठीक करने में बेहद लाभदायक है क्योंकि यह अपने एंटी बैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुणों के कारण बैक्टीरिया को पनपने नहीं देता है

Thursday, June 23, 2016

पानी

1- सुबह उठ कर कैसा पानी पीना चाहिए उत्तर : हल्का गर्म 2--पानी पीने का क्या तरीका होता है उत्तर : सिप सिप करके व नीचे बैठ कर 3 -खाना कितनी बार चबाना चाहिए उत्तर : 32 बार 4-- पेट भर कर खाना कब खाना चाहिए उत्तर : सुबह 5--सुबह का खाना कब तक खा लेना चाहिए उत्तर : सूरज निकलने के ढाई घण्टे तक 6--सुबह खाने के साथ क्या पीना चाहिए उत्तर : जूस 7 -दोपहर को खाने के साथ क्या पीना चाहिए उत्तर : लस्सी/छाछ 8 -रात को खाने के साथ क्या पीना चाहिए उत्तर : दूध 9 -खट्टे फल किस समय नही खाने चाहिए उत्तर : रात को 10 -लस्सी खाने के साथ कब पीनि चाहिए उत्तर : दोपहर को 11 -खाने के साथ जूस कब लिया जा सकता है। उत्तर : सुबह 12 -खाने के साथ दूध कब ले सकते है उत्तर : रात को 13 -आईसक्रीम कब कहानी चाहिए उत्तर : कभी नही 14- फ्रीज़ से निकाली हुई चीज कितनी देर बाद कहानी चाहिए उत्तर : 1 घण्टे बाद 15-क्या कोल्ड ड्रिंक पीना चाहिए उत्तर : नही 16 -बना हुआ खाना कितनी देर बाद तक खा लेना चाहिए उत्तर : 40 मिनट 17--रात को कितना खाना खाना चाहिए उत्तर : न के बराबर 18 -रात का खाना किस समय कर लेना चाहिए उत्तर ;सूरज छिपने से पहले 19 -पानी खाना खाने से कितने समय पहले पी सकते हैं उत्तर : 48 मिनट 20-क्या रात को लस्सी पी सकते हैं उत्तर : नही 21 -सुबह खाने के बाद क्या करना चाहिए उत्तर : काम 22 -दोपहर को खाना खाने के बाद क्या करना चाहिए उत्तर : आराम 23 -रात को खाना खाने के बाद क्या करना चाहिए उत्तर : 500 कदम चलना चाहिए 24 -खाना खाने के बाद हमेशा क्या करना चाहिए उत्तर : वज्र आसन 25 -खाना खाने के बाद वज्रासन कितनी देर करना चाहिए उत्तर : 5-10मिनट 26 -सुबह उठ कर आखों मे क्या डालना चाहिए उत्तर :मुंह की लार 27 -रात को किस समय तक सो जाना चाहिए उत्तर : 9-10बजे तक 28- तीन जहर के नाम बताओ उत्तर : चीनी मैदा सफेद नमक 29 -दोपहर को सब्जी मे क्या डाल कर खाना चाहिए उत्तर : अजवायन 30 -क्या रात को सलाद खानी चाहिए उत्तर : नहीं 31 -खाना हमेशा कैसे खाना चाहिए उत्तर : नीचे बैठकर व खूब चबाकर 32 -क्या विदेशी समान खरीदना चाहिए उत्तर : कभी नही 33 -चाय कब पीनी चाहिए उत्तर : कभी नहीं 33- दूध मे क्या डाल कर पीना चाहिए उत्तर : हल्दी 34--दूध में हल्दी डालकर क्यों पीनी चाहिए। उत्तर : कैंसर ना हो इसलिए 35 -कौन सी चिकित्सा पद्धति ठीक है उत्तर : आयुर्वेद 36 -सोने के बर्तन का पानी कब पीना चाहिए उत्तर : अक्टूबर से मार्च (सर्दियों मे) 37--ताम्बे के बर्तन का पानी कब पीना चाहिए उत्तर : जून से सितम्बर(वर्षा ऋतु) 38 -मिट्टी के घड़े का पानी कब पीना चाहिए उत्तर : मार्च से जून (गर्मियों में) 39 -सुबह का पानी कितना पीना चाहिए उत्तर : कम से कम 2-3गिलास 40 -सुबह कब उठना चाहिए उत्तर : सूरज निकलने से डेढ़ घण्टा पहले। Email This

Wednesday, June 22, 2016

**सुंदर शिशु के लिए घरेलू उपाय**

शिशु का स्वास्थ्य और रूप-रंग काफी कुछ मां के खानपान और व्यवहार पर निर्भर करता है। आप जैसा आहार खायेंगे और जैसा बर्ताव करेंगे आपके शिशु पर उसका गहरा असर पड़ेगा। हर औरत चाहती है कि उसका शिशु स्वस्थ्य व सुंदर हो। इसके लिए वह हर नुस्खे अपनाने को तैयार रहती है। स्वस्थ्य व सुंदर शिशु पाने के लिए खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरुरत होती है। गर्भावस्था के दौरान आपकेखाने में ज्यादा से ज्यादा पोषण वाली चीजें होनी चाहिए इससे आपका बच्चा स्वेस्थै होने के साथ सुंदर भी होगा। गर्भावस्था में आपको हरी सब्जियां, दूध, फल आदि का सेवन करना चाहिए इससे आपको व बच्चे को विटामिन मिनरल व अन्य पोषक तत्व मिलते हैं। संतरे का सेवन ___________________________________________________ गर्भावस्था के दौरान नियमित रुप से रसीले संतरों का सेवन करना चाहिए। इस से नवजात शिशु गोरा व सुन्दर होता है। संतरे में विटामिन सी पाया जाता है जो रंग निखारता है। कच्चा नारियल ___________________________________________________ गर्भवती महिलाओं को कच्चा नारियल खाना चाहिए क्योंकि नारियल में बहुत ज्यादा पोटैशियम होता है जो कि बच्चे की त्वचा और बाल के लिए अच्छा होता है। नारियल पानी भी गर्भावस्था में फायदेमंद होता है। नारियल खाने में भी स्वादिष्ट, मुलायम और सुपाच्य भी होता है, उसका सफेद रंग त्वचा के मिलेनिन में मिलकर रक्त संचार में मदद करता है जिसके चलते बॉडी में त्वचा का रंग साफ होता है। नारियल में मिश्री मिलाकर खाएं कच्चे नारियल के छोटे-छोटे टुकड़ों में मिश्री मिलाकर चबा- चबा कर खाने से भी बच्चा सुन्दर होगा और उसकी त्वचा चमकदार होगी। नारियल पानी और जरूरी पोषक तत्वों की खान होता है। नारियल में मौजूद तत्व गर्भस्थ शिशु का रूप निखारने में मदद करते हैं। हरी सब्जियां खाएं ____________________________________________________ गर्भवती महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां खानी चाहिए। हरी सब्जियां आयरन का अच्छा स्रोत होती हैं। गर्भावस्था में आयरन बहुत जरूरी है। आयरन गर्भवती महिला को सेहतमंद बनाये रखने में मदद करता है। गर्भावस्था में जो महिलायें पर्याप्त मात्रा में आयरन का सेवन नहीं करती, उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता। साथ ही उनके होने वाले शिशु पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। अंगूर का सेवन ____________________________________________________ प्रेंग्नेंसी में काले और ताजे अंगूरों का रस नियमित रुप से एक गिलास लेने से गर्भस्थ शिशु को काफी फायदा होता है। इससे उसका रक्त भी शुद्ध होता है तथा वह कई बीमारियों से भी बचा रहता है। साथ ही उसकी त्वचा भी निखरती है। गाजर का जूस ____________________________________________________ गर्भावस्था में गाजर का रस महिलाओं में रक्त की कमी को तो पूरा करता ही है साथ ही सलाद में कच्चे गाजर का सेवन करने से मां का स्वास्थ्य अच्छा होता है। इसके साथ ही इससे शिशु का स्वास्थ्य और उसकी त्वचा को भी लाभ पहुंचता है। चुकंदर खाएं ____________________________________________________ चुकंदर जल्द ही रक्त की कमी को पूरा करने में कारगर साबित होता है। गर्भवती महिलाओं को चुकंदर का जूस पीना चाहिए यह रक्त संचार का बढ़ाने के साथ रंग भी निखारता है। दूध में केसर व बादाम ___________________________________________________ गर्भावस्था में महिलाओं को दूध में केसर-बादाम मिलाकर पीना चाहिए। इससे बच्चे का रंग निखरता है और बच्चा स्वस्थ्य पैदा होता है। केसर औषधीय गुणों की खान होता है। केसर मां और बच्चे दोनों अनार का जूस ____________________________________________________ अनार का जूस पीने से गर्भवती महिला का रक्त संचार बढता है साथ ही शिशु का रंग भी निखरता है। अनार आयरन का भी भरपूर स्रोत होता है। इससे मां और शिशु दोनों की हड्डियां मजबूत होती हैं। इसके साथ ही आपको चाहिए कि आप तनाव से दूर रहें। अधिक क्रोध करने से बचें। क्रोध और तनाव न केवल आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं, बल्कि आपके होने वाले शिशु की सेहत के लिए भी वे अच्छे नहीं होते। गर्भवती महिलाओं को इसके साथ ही धूम्रपान और शराब का सेवन भी नहीं करना चाहिए। महिला को चाहिए कि डॉक्टर से पूछकर अपने लिए कारगर व्यायाम भी पता करे। व्यायाम भी महिला और शिशु के लिए फायदेमंद होते हैं।

Sunday, June 19, 2016

हमारी चिकित्सा पद्धति


दुनिया में हमारा देश अनोखा देश है जिसकी चिकित्सा प्रणाली ये सिखाती है कि आप बीमार ही न पड़ो। दुनिया में 100 से ज्यादा चिकित्सा पद्धतियाँ है जिनके मूल में ये है कि पहले आप बीमार पड़ो फिर चिकित्सा होगी। जैसे एलोपेथी में :-पहले बुखार होगा फिर बुखार की दवा दी जायेगी। दर्द होगा फिर दर्द की दवा दी जायेगी । लेकिन भारत देश की प्राचीन चिकित्सा पद्धति जिसे आयुर्वेद कहा जाता है उसके मूल में यह है कि आप बीमार ही मत पड़ो। इसके लिए कुछ नियमों का पालन करना पड़ेगा। जिनको अपना कर जीवन भर स्वस्थ रहा जा सकता है । पूरी जिंदगी डॉक्टर की कहीं भी आवश्यकता नहीं पड़ती। तो बिना डॉक्टर व बिना दवा के जीना केवल आयुर्वेद ही सिखाती है। सर्वे सुखिन:सन्तु,सर्वे सन्तु निरामय:| सर्वे भद्राणि पश्यंतु ,मा कश्चित् दु:ख भाग्भवेत्||

Saturday, June 18, 2016

**एसिडिटी हो या फिर हाइपर एसिडिटी इसका सबसे आसान इलाज**

क्या आप जानते हैं, एसिडिटी की दवा से हो सकती हैं आपकी किडनी खराब। जब हम खाना खाते हैं तो इस को पचाने के लिए शरीर में एसिड बनता हैं। जिस की मदद से ये भोजन आसानी से पांच जाता हैं। ये ज़रूरी भी हैं। मगर कभी कभी ये एसिड इतना ज़्यादा मात्रा में बनता हैं के इसकी वजह से सर दर्द, सीने में जलन और पेट में अलसर और अलसर के बाद कैंसर तक होने की सम्भावना हो जाती हैं। ऐसे में हम नियमित ही घर में इनो या पीपीआई (प्रोटॉन पंप इनहिबिटर्स) दवा का सेवन करते रहते हैं। मगर आपको जान कर आश्चर्य होगा के ये दवाये सेहत के लिए बहुत खतरनाक हैं। पीपीआई ब्लड में मैग्नीशियम की कमी कर देता है। अगर खून पर असर पड़ रहा है तो किडनी पर असर पड़ना लाज़मी है। जिसका सीधा सा अर्थ की ये दवाये हमारी सेहत के लिए खतरनाक हैं। हमने कई ऐसे मूर्ख लोग भी देखे हैं जो एसिडिटी होने पर कोल्ड ड्रिंक पेप्सी या कोका कोला पीते हैं ये सोच कर के इस से एसिडिटी कंट्रोल होगा। ऐसे लोगो को भगवान ही बचा सकता हैं। तो ऐसी स्थिति में कैसे करे इस एसिडिटी का इलाज। आज हम आपको बता रहे हैं भयंकर से भयंकर एसिडिटी का चुटकी बजाते आसान सा इलाज। ये इलाज आपकी सोच से कई गुना ज़्यादा कारगार हैं।