विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक एक साल में
करीब 54 लाख लोगों की तम्बाकू के इस्तेमाल से मौत हो
जाती है। वर्ष 2015 तक यह संख्या बढ़कर 65 लाख व
2030 तक 83 लाख हो जाएगी। कई लोग कामकाज सम्बंधी
तनाव और दोस्तों के दबाव के चलते धूम्रपान की आदत को
अपना तो लेते हैं पर वह इस चक्रव्यूह में इस तरह घिर जाते हैं
कि उनमें से ज्यादातर के लिए इस लत से छुटकारा पाना बेहद
मुश्किल हो जाता है। धूम्रपान छोड़ना बहुत मुश्किल है। इसके
लिए प्रबल इच्छाशक्ति और प्रयासों की ज़रूरत होती है।
इसको छोड़ने के अनेक प्रभावशाली नुस्खे हैं, जिनमें से कुछ हम
आपके लिए लाए हैं-
अपनाएं यह नुस्खे-
1. 100 ग्राम अजवाइन के साथ 100 ग्राम मोटी सौंफ और
60 ग्राम काला नमक बारीक करके पीस लें और दो नींबू का
रस निचोड़ कर अच्छी तरह से मिला लें। रात भर अलग रखने के
बाद दूसरी सुबह मिश्रण को तवे पर धीमी आंच पर भून लें और
हवा बंद डिब्बे में बंद करके रख दें। मिश्रण पर पानी छिड़क कर
छोटी गोलियां भी बना सकते हैं। जब आपको धूम्रपान की
इच्छा हो तभी एक गोली चबा लें या फिर एक छोटा चम्मच
इस पाउडर का लें। धूम्रपान की इच्छा को कम करने के लिए
आप इसे दिन में 4-6 बार ले सकते हैं।
2. सिगरेट, लाइटर और ऐश ट्रे को अपने से बहुत दूर रखें। उसको
ऐसे स्थान पर रखें जहां पर वह आसानी से न मिल सके।
3. अपने दिमाग को किसी अच्छे और मन पसंद के कामों में लगाएं।
जब आप सिगरेट छोड़ दे तब ऐसे काम करें जो आपको खुशी देते
हों।
4. जिस दिन आप धूम्रपान छोड़ने की सोंचे, आप अपने को उसी
दिन पूरी तरह से व्यस्त रखें। जब छोड़ने पर शुरु में इच्छा हो
तो आप कुछ देर रुक जाएं। इस दौरान आप कोई ऐसा कार्य
करने लगें जो आपको पसंद हो, जैसे किसी प्रिय मित्र से बातों
में व्यस्त हो जाएं।
5. अपने परिवार और दोस्तों के बीच में हर किसी को बताएं कि
आपने सिगरेट पीना छोड़ दिया है। दोस्त और परिवारजन
अक्सर इन सब मामलों में बहुत सपोर्ट करते हैं। अगर आपके घर
में भी सिगरेट पीने की आदत किसी को है, तो उसे भी अपने
साथ सिगरेट छोड़ने के मुहिम में शामिल कर लें। अकेले रहने से
बेहतर है कि थोड़ा सा टीम एफर्ट कर लिया जाए।
6. सिगरेट छोड़ने पर कुछ वापसी लक्षण जैसे, सिदर्द, बेचैनी, जी
मिचलाना, थकान, भूख लगना और खराब लगना हो सकता
है। यह लक्षण आपके शरीर द्वारा ज्यादा नीकोटीन लेने
की वजह से हो सकता है। आपके शरीर को 2-4 हफ्ते लग
जाएगें इस आदत को छुड़ाने में।
जब तक आप इस आदत को ठीक न कर सकें तब तक निम्नलिखित
तरीकों को अपनाएं –
1. लो-टार और नीकोटीन वाली सिगरेट लें।
2. सिगरेट को बिल्कुल आखिर तक न पिएं। सिगरेट के कम कश लें।
3. सिगरेट पीते वक्त अंदर सांस न लें।
4. प्रत्येक दिन कम सिगरेट पिएं।
विभिन्न नशीले पदार्थों से मुक्ति के लिए आयुर्वेदिक उपचार-
धूम्रपान एवं तम्बाकू छोड़ने के लिए आयुर्वेदिक उपचार-
बराबर मात्रा में 100 ग्राम सौंफ, 100 ग्राम अजवायन
तथा 75 ग्राम काला नमक तथा दो नींबू का रस लेकर सबसे
पहले काला नमक पीसकर उसमें नींबू मिला लेवें,
आवश्यकतानुसार थोड़ा पानी भी मिला सकते हैं।
तदोपरान्त सौंफ व अजवायन को एक बर्तन में डालकर
काला नमक मिला नींबू रस मिलाकर भून लेवें।यह औषधि
बनाकर रख लेवें तथा जब भी तम्बाकू की तलब लगे थोड़ी सी
मात्रा लेकर मुंह में रखकर चूसे इससे बीड़ी, सिगरेट की तलब
धीरे-धीरे कम हो जायेगी तथा तम्बाकू की आदत को छोड़ा
जा सकता है।
शराब छोड़ने का आयुर्वेदिक उपचार-
अदरक – थोड़ी सी मात्रा में अदरक को कूट कर एक से दो
कप पानी में उबालकर, छानकर, थोड़ी शक्कर मिलाकर घूंट-
घूँटकर गरम-गरम पीने से शराब की तलब कम होती है।
इसी प्रकार थोड़ी मात्रा में पोदीना उबालकर थोड़ी सी
शक्कर मिलाकर गर्मागर्म पीने से शराब से छुटकारा मिलता
है। शराब छोड़ते समय यदि पेट में गैस या कब्ज होती है तो
त्रिफला चूर्ण, हरड़ का चूर्ण प्रयोग किया जा सकता है।
अफीम:
अफीम छोड़ने के लिए आयुर्वेदिक उपचार – जितनी मात्रा में
नशा करने वाला अफीम खाता है उतनी ही मात्रा में
विषतुण्डकादि वटी (आयुर्वेदिक शास्रीय योग) का सेवन
करता है तो धीरे-धीरे अफीम छूट जाती है।
भांग:
भांग छोड़ने के लिए आयुर्वेदिक उपचार – भांग छोड़ने के लिये
भांग में बराबर मात्रा में ब्राह्मी बूटी डालकर पीये तथा
इसी प्रकार क्रमशः ब्राह्मी बूटी की मात्रा बढ़ाता जाये
तथा भांग की मात्रा कम करता जाये तो कुछ दिनों बाद
भांग को पूरी तरह छोड़ सकता है। बनाने में बादाम, दूध् का
सेवन पूर्ववत् रखा जा सकता है।
नशों को छोड़ने का होम्योपैथिक-उपचार
शराब-
1. SPIRITUS NITRICUS-Q
20.20 बूंदे दवा की 25 मिली. पानी में डालकर पीना, दिन
में 3 बार। सुबह-दोपहर-शाम
2 .QUETCUS-Q
20.20 बूंदे दवा की 25 मिली. पानी में डालकर पीना, दिन
में 3 बार। सुबह-दोपहर-शाम
3. SULPHUR-IM (1000)
इस दवा की एक बूंद सीधे जीभ पर लेना 15 दिन में एक दिन
सुबह खाली पेट
बीड़ी/सिगरेट/गुटखा-
1. TUBAUCAM-1M
दवा की एक-एक बूंद सीधे जीभ पर लेना 3 बाद। सुबह/
दोपहर/शाम/15 दिन में एक दिन।
भांग-
1. CANABIS INDICA- 200/1M
दवा की एक-एक बूंद जीभ पर 3 बार सुबह/दोपहर/शाम/15
दिन में एक दिन
अफीम/चरस/गांजा-
1. CANABIS SATIYA- 200/1M
दवा की एक-एक बूंद जीभ पर 3 बार सुबह/दोपहर/शाम/15
दिन में एक दिन
पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार में नशा मुक्त करने वाली औषधि
एवं आयुर्वेदिक औषधि का प्रयोग
शराब के नशे की चिकित्सा -
1. शराब का नशा उतारने के लिए एक नींबू एक कप पानी में
निचोड़ कर कई बार पिलाएं।
2. सेब का रस निकालकर, कई बार पिलायें।
3. अनार की 40 पत्ती पीसकर-200 मिली. ग्रा. पानी में
घोलकर पिलाएं।
4. फिटकरी भस्म-3 से 6 ग्राम पानी मे घोलकर पिलाएं।
5. मिश्री 25 ग्राम को 25 ग्राम घी में मिलाकर चटाएं।
6. मिश्री व धनिया पावडर समान मात्रा में मिलाकर खिलाएं
यह प्रयोग शराब के नशे को दूर करता है।
शराब का नशा छुड़ाने की चिकित्सा-
1. शराब के नशे की आदत को छुड़ाने के निम्न चिकित्सा प्रयोग
करने से नशा करने की आदत छूट जाती है।
2. सर्वकल्प क्वाथ – 300 ग्राम 1 से 2 चम्मच काढ़ा क्वाथ-
सुबह सायं खाली पेट।
3. उदयमृन वटी – 60 ग्राम शिलाजीत रसायन वटी-40 ग्राम
1-1 गोली खाना खाने के बाद।
4. अजवायन (5-10 ग्राम) 1 गिलास पानी में काढ़ा बनाकर
प्रथम सप्ताह- 4-4 घण्टे में रोगी को पिलाएं। बाद में 6
घण्टे में पिलाये तो नशा करने की आदत छूट जाती है।
5. धनिया (40 ग्राम) का काढ़ा -सुबह / दोपहर/शाम बनाकर
पीने से शराब पीने की इच्छा कम हो जाती है।
अफीम नशा चिकित्सा-
1. अफीम नशा उतारने के लिए आधा से 1 ग्राम हींग को
पानी/छाछ में घोलकर 3 से 4 बार पिलाने से नशा उतर
जाता है।
2. अफीम नशा से पीडि़त व्यक्ति को 25 से 50 ग्राम देशी घी
पिलायें।
3. मेघा क्वाथ – 200 ग्राम पानी में मिलाकर उबाले 1/4 भाग
रह जाने पर सुबह सायं खाली पेट पियें
4. विषतिन्दुक वटी – 40 1-1 गोली खाने के बाद।
5. द्वगिलोय घनवटी – 40 1-1 गोली खाने के बाद।
6. रोगी को रोज – अखरोट 20 ग्राम और मिश्री 20 ग्राम
दूध् के साथ रोज खिलाएं।
गांजा का नशा -
गांजा का नशा छुड़ाने के लिए चिकित्सा -
गांजा के नशे से पीडि़त रोगी की निम्न चिकित्सा, करने से
गांजा नशा उतरता है।
1. 10 ग्राम इमली के बीज निकालकर घोटकर रोगी को
पिलाएं।
2. पोदीने का रस- 20 ग्राम पिलाएं।
3. अधिक से अधिक घृत-50 से 100 ग्राम पिलाने से नशा वमन
होकर नशा उतरता है।
4. खट्टे मटठा या दही रोगी को पिलाने से गांजा नशा उतर
जाता है।
चरस, अफीम, गांजा, स्मैक, तम्बाकू, बीड़ी, हुक्का, सिगरेट
आदि आदत छुड़ाने की चिकित्सा-
1. सफेद मूसली – 50 ग्राम
2. माजुफल – 50 ग्राम
3. बहेड़ा चूर्ण – 50 ग्राम
4. ढाक का गोंद – 50 ग्राम
5. छोटी इलायची – 50 ग्राम
6. सुपारी – 50 ग्राम
7. लोघ्र – 50 ग्राम
प्रयोग:- सबको सूक्ष्म चूर्ण बनाकर, दुध्/पानी से आवश्क
मात्रा में मिलाकर 250 मिलीग्राम की गोली बनाएं 1 से 2
गोली मुंह में रखकर चूसने से नशा छूट जाता है।
हर प्रकार के नशा की चिकित्सा –
घतूरा, गांजा, भांग, कनेर -
1. 1 कप अंगूर रस काली मिर्च- चूर्ण, जीरा पावडर नमक
मिलाकर रोगी को पिलाएं।
2. 1 से 2 कप मिलाकर पिलाएं।
खैनी, गुटखा, रजनीगंधा, सुपारी, पान-मसाला, बीड़ी,
तम्बाकू, धूम्रपान की आदत छुड़ाने की चिकित्सा-
1. 100 ग्राम अजवायन और 100 ग्राम सौंफ को 60 ग्राम
काला नमक 60 ग्राम मिलाकर पावडर बनाएं। इस पाउडर
को आधा चम्मच पानी के साथ दिन में 2/3 वार लेने से नशा
छूट जाता है।
2. प्याज रस आधा से 1 कप रोज पीने से तम्बाकू नशा छूट
जाता है।
3. दिव्य फार्मेसी आश्रम में बनी हरड़ गोली रोज – 2 से 3 मुंह
में रखने से नशा छूट जाता है।
करीब 54 लाख लोगों की तम्बाकू के इस्तेमाल से मौत हो
जाती है। वर्ष 2015 तक यह संख्या बढ़कर 65 लाख व
2030 तक 83 लाख हो जाएगी। कई लोग कामकाज सम्बंधी
तनाव और दोस्तों के दबाव के चलते धूम्रपान की आदत को
अपना तो लेते हैं पर वह इस चक्रव्यूह में इस तरह घिर जाते हैं
कि उनमें से ज्यादातर के लिए इस लत से छुटकारा पाना बेहद
मुश्किल हो जाता है। धूम्रपान छोड़ना बहुत मुश्किल है। इसके
लिए प्रबल इच्छाशक्ति और प्रयासों की ज़रूरत होती है।
इसको छोड़ने के अनेक प्रभावशाली नुस्खे हैं, जिनमें से कुछ हम
आपके लिए लाए हैं-
अपनाएं यह नुस्खे-
1. 100 ग्राम अजवाइन के साथ 100 ग्राम मोटी सौंफ और
60 ग्राम काला नमक बारीक करके पीस लें और दो नींबू का
रस निचोड़ कर अच्छी तरह से मिला लें। रात भर अलग रखने के
बाद दूसरी सुबह मिश्रण को तवे पर धीमी आंच पर भून लें और
हवा बंद डिब्बे में बंद करके रख दें। मिश्रण पर पानी छिड़क कर
छोटी गोलियां भी बना सकते हैं। जब आपको धूम्रपान की
इच्छा हो तभी एक गोली चबा लें या फिर एक छोटा चम्मच
इस पाउडर का लें। धूम्रपान की इच्छा को कम करने के लिए
आप इसे दिन में 4-6 बार ले सकते हैं।
2. सिगरेट, लाइटर और ऐश ट्रे को अपने से बहुत दूर रखें। उसको
ऐसे स्थान पर रखें जहां पर वह आसानी से न मिल सके।
3. अपने दिमाग को किसी अच्छे और मन पसंद के कामों में लगाएं।
जब आप सिगरेट छोड़ दे तब ऐसे काम करें जो आपको खुशी देते
हों।
4. जिस दिन आप धूम्रपान छोड़ने की सोंचे, आप अपने को उसी
दिन पूरी तरह से व्यस्त रखें। जब छोड़ने पर शुरु में इच्छा हो
तो आप कुछ देर रुक जाएं। इस दौरान आप कोई ऐसा कार्य
करने लगें जो आपको पसंद हो, जैसे किसी प्रिय मित्र से बातों
में व्यस्त हो जाएं।
5. अपने परिवार और दोस्तों के बीच में हर किसी को बताएं कि
आपने सिगरेट पीना छोड़ दिया है। दोस्त और परिवारजन
अक्सर इन सब मामलों में बहुत सपोर्ट करते हैं। अगर आपके घर
में भी सिगरेट पीने की आदत किसी को है, तो उसे भी अपने
साथ सिगरेट छोड़ने के मुहिम में शामिल कर लें। अकेले रहने से
बेहतर है कि थोड़ा सा टीम एफर्ट कर लिया जाए।
6. सिगरेट छोड़ने पर कुछ वापसी लक्षण जैसे, सिदर्द, बेचैनी, जी
मिचलाना, थकान, भूख लगना और खराब लगना हो सकता
है। यह लक्षण आपके शरीर द्वारा ज्यादा नीकोटीन लेने
की वजह से हो सकता है। आपके शरीर को 2-4 हफ्ते लग
जाएगें इस आदत को छुड़ाने में।
जब तक आप इस आदत को ठीक न कर सकें तब तक निम्नलिखित
तरीकों को अपनाएं –
1. लो-टार और नीकोटीन वाली सिगरेट लें।
2. सिगरेट को बिल्कुल आखिर तक न पिएं। सिगरेट के कम कश लें।
3. सिगरेट पीते वक्त अंदर सांस न लें।
4. प्रत्येक दिन कम सिगरेट पिएं।
विभिन्न नशीले पदार्थों से मुक्ति के लिए आयुर्वेदिक उपचार-
धूम्रपान एवं तम्बाकू छोड़ने के लिए आयुर्वेदिक उपचार-
बराबर मात्रा में 100 ग्राम सौंफ, 100 ग्राम अजवायन
तथा 75 ग्राम काला नमक तथा दो नींबू का रस लेकर सबसे
पहले काला नमक पीसकर उसमें नींबू मिला लेवें,
आवश्यकतानुसार थोड़ा पानी भी मिला सकते हैं।
तदोपरान्त सौंफ व अजवायन को एक बर्तन में डालकर
काला नमक मिला नींबू रस मिलाकर भून लेवें।यह औषधि
बनाकर रख लेवें तथा जब भी तम्बाकू की तलब लगे थोड़ी सी
मात्रा लेकर मुंह में रखकर चूसे इससे बीड़ी, सिगरेट की तलब
धीरे-धीरे कम हो जायेगी तथा तम्बाकू की आदत को छोड़ा
जा सकता है।
शराब छोड़ने का आयुर्वेदिक उपचार-
अदरक – थोड़ी सी मात्रा में अदरक को कूट कर एक से दो
कप पानी में उबालकर, छानकर, थोड़ी शक्कर मिलाकर घूंट-
घूँटकर गरम-गरम पीने से शराब की तलब कम होती है।
इसी प्रकार थोड़ी मात्रा में पोदीना उबालकर थोड़ी सी
शक्कर मिलाकर गर्मागर्म पीने से शराब से छुटकारा मिलता
है। शराब छोड़ते समय यदि पेट में गैस या कब्ज होती है तो
त्रिफला चूर्ण, हरड़ का चूर्ण प्रयोग किया जा सकता है।
अफीम:
अफीम छोड़ने के लिए आयुर्वेदिक उपचार – जितनी मात्रा में
नशा करने वाला अफीम खाता है उतनी ही मात्रा में
विषतुण्डकादि वटी (आयुर्वेदिक शास्रीय योग) का सेवन
करता है तो धीरे-धीरे अफीम छूट जाती है।
भांग:
भांग छोड़ने के लिए आयुर्वेदिक उपचार – भांग छोड़ने के लिये
भांग में बराबर मात्रा में ब्राह्मी बूटी डालकर पीये तथा
इसी प्रकार क्रमशः ब्राह्मी बूटी की मात्रा बढ़ाता जाये
तथा भांग की मात्रा कम करता जाये तो कुछ दिनों बाद
भांग को पूरी तरह छोड़ सकता है। बनाने में बादाम, दूध् का
सेवन पूर्ववत् रखा जा सकता है।
नशों को छोड़ने का होम्योपैथिक-उपचार
शराब-
1. SPIRITUS NITRICUS-Q
20.20 बूंदे दवा की 25 मिली. पानी में डालकर पीना, दिन
में 3 बार। सुबह-दोपहर-शाम
2 .QUETCUS-Q
20.20 बूंदे दवा की 25 मिली. पानी में डालकर पीना, दिन
में 3 बार। सुबह-दोपहर-शाम
3. SULPHUR-IM (1000)
इस दवा की एक बूंद सीधे जीभ पर लेना 15 दिन में एक दिन
सुबह खाली पेट
बीड़ी/सिगरेट/गुटखा-
1. TUBAUCAM-1M
दवा की एक-एक बूंद सीधे जीभ पर लेना 3 बाद। सुबह/
दोपहर/शाम/15 दिन में एक दिन।
भांग-
1. CANABIS INDICA- 200/1M
दवा की एक-एक बूंद जीभ पर 3 बार सुबह/दोपहर/शाम/15
दिन में एक दिन
अफीम/चरस/गांजा-
1. CANABIS SATIYA- 200/1M
दवा की एक-एक बूंद जीभ पर 3 बार सुबह/दोपहर/शाम/15
दिन में एक दिन
पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार में नशा मुक्त करने वाली औषधि
एवं आयुर्वेदिक औषधि का प्रयोग
शराब के नशे की चिकित्सा -
1. शराब का नशा उतारने के लिए एक नींबू एक कप पानी में
निचोड़ कर कई बार पिलाएं।
2. सेब का रस निकालकर, कई बार पिलायें।
3. अनार की 40 पत्ती पीसकर-200 मिली. ग्रा. पानी में
घोलकर पिलाएं।
4. फिटकरी भस्म-3 से 6 ग्राम पानी मे घोलकर पिलाएं।
5. मिश्री 25 ग्राम को 25 ग्राम घी में मिलाकर चटाएं।
6. मिश्री व धनिया पावडर समान मात्रा में मिलाकर खिलाएं
यह प्रयोग शराब के नशे को दूर करता है।
शराब का नशा छुड़ाने की चिकित्सा-
1. शराब के नशे की आदत को छुड़ाने के निम्न चिकित्सा प्रयोग
करने से नशा करने की आदत छूट जाती है।
2. सर्वकल्प क्वाथ – 300 ग्राम 1 से 2 चम्मच काढ़ा क्वाथ-
सुबह सायं खाली पेट।
3. उदयमृन वटी – 60 ग्राम शिलाजीत रसायन वटी-40 ग्राम
1-1 गोली खाना खाने के बाद।
4. अजवायन (5-10 ग्राम) 1 गिलास पानी में काढ़ा बनाकर
प्रथम सप्ताह- 4-4 घण्टे में रोगी को पिलाएं। बाद में 6
घण्टे में पिलाये तो नशा करने की आदत छूट जाती है।
5. धनिया (40 ग्राम) का काढ़ा -सुबह / दोपहर/शाम बनाकर
पीने से शराब पीने की इच्छा कम हो जाती है।
अफीम नशा चिकित्सा-
1. अफीम नशा उतारने के लिए आधा से 1 ग्राम हींग को
पानी/छाछ में घोलकर 3 से 4 बार पिलाने से नशा उतर
जाता है।
2. अफीम नशा से पीडि़त व्यक्ति को 25 से 50 ग्राम देशी घी
पिलायें।
3. मेघा क्वाथ – 200 ग्राम पानी में मिलाकर उबाले 1/4 भाग
रह जाने पर सुबह सायं खाली पेट पियें
4. विषतिन्दुक वटी – 40 1-1 गोली खाने के बाद।
5. द्वगिलोय घनवटी – 40 1-1 गोली खाने के बाद।
6. रोगी को रोज – अखरोट 20 ग्राम और मिश्री 20 ग्राम
दूध् के साथ रोज खिलाएं।
गांजा का नशा -
गांजा का नशा छुड़ाने के लिए चिकित्सा -
गांजा के नशे से पीडि़त रोगी की निम्न चिकित्सा, करने से
गांजा नशा उतरता है।
1. 10 ग्राम इमली के बीज निकालकर घोटकर रोगी को
पिलाएं।
2. पोदीने का रस- 20 ग्राम पिलाएं।
3. अधिक से अधिक घृत-50 से 100 ग्राम पिलाने से नशा वमन
होकर नशा उतरता है।
4. खट्टे मटठा या दही रोगी को पिलाने से गांजा नशा उतर
जाता है।
चरस, अफीम, गांजा, स्मैक, तम्बाकू, बीड़ी, हुक्का, सिगरेट
आदि आदत छुड़ाने की चिकित्सा-
1. सफेद मूसली – 50 ग्राम
2. माजुफल – 50 ग्राम
3. बहेड़ा चूर्ण – 50 ग्राम
4. ढाक का गोंद – 50 ग्राम
5. छोटी इलायची – 50 ग्राम
6. सुपारी – 50 ग्राम
7. लोघ्र – 50 ग्राम
प्रयोग:- सबको सूक्ष्म चूर्ण बनाकर, दुध्/पानी से आवश्क
मात्रा में मिलाकर 250 मिलीग्राम की गोली बनाएं 1 से 2
गोली मुंह में रखकर चूसने से नशा छूट जाता है।
हर प्रकार के नशा की चिकित्सा –
घतूरा, गांजा, भांग, कनेर -
1. 1 कप अंगूर रस काली मिर्च- चूर्ण, जीरा पावडर नमक
मिलाकर रोगी को पिलाएं।
2. 1 से 2 कप मिलाकर पिलाएं।
खैनी, गुटखा, रजनीगंधा, सुपारी, पान-मसाला, बीड़ी,
तम्बाकू, धूम्रपान की आदत छुड़ाने की चिकित्सा-
1. 100 ग्राम अजवायन और 100 ग्राम सौंफ को 60 ग्राम
काला नमक 60 ग्राम मिलाकर पावडर बनाएं। इस पाउडर
को आधा चम्मच पानी के साथ दिन में 2/3 वार लेने से नशा
छूट जाता है।
2. प्याज रस आधा से 1 कप रोज पीने से तम्बाकू नशा छूट
जाता है।
3. दिव्य फार्मेसी आश्रम में बनी हरड़ गोली रोज – 2 से 3 मुंह
में रखने से नशा छूट जाता है।