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Thursday, March 17, 2016

====शहद के औषधीय गुण====

@ एक छोटा चम्मच शहद मे एक बादाम घिस कर मिला लें और
रोज छोटे बच्चों को चटा देने से वे मजबूत कांतिवान मोटे हो
जाते है ।
2) बच्चों को खांसी होने पर एक चम्मच शहद मे एक चुटकी हल्दी
मिलाकर सोते समय व सुबह खाली पेट चटा दे दो तीन दिनों मे
खांसी गायब हो जाएगी । इस नुस्खे को बडे भी आजमा सकते
हैं।
3) शहद मे अदरक का रस और एक चुटकी दालचीनी पावडर
मिलाकर चाटने से जोड़ों मे आराम मिलता है । खांसी होने पर
भी इस प्रयोग को आजमाए सौ प्रतिशत आराम मिल जाएगा ।
4) भोजन से अरुचि होने पर एक चम्मच खट्टे अनार का रस और एक
बड़ा चम्मच शहद और सेंधा नमक मिलाकर खिलाने से भोजन मे
रुचि पैदा हो जाती है ।
5) एक चुटकी छोटी हरड़ का पावडर और एक चम्मच शहद
मिलाकर खाने से अम्ल पित्त शांत हो जाता है ।
6) आधा नींबू का रस एक चम्मच शहद मिलाकर चाट लें अम्ल
पित्त मे आराम हो जाएगा ।
7) नींबू के पत्तों का रस और शहद समान मात्रा मे लेकर खिलाने
से पेट के कीड़े मर जाते है ।
8) त्रिफला एक छोटी चम्मच और एक चम्मच शहद मिलाकर
रात्री के समय खाने के बाद चाट लिया करें और ऊपर से दूध पी लें
, पेट के सभी रोगों से छुटकारा मिल जाएगा ।
9) बीस ग्राम शहद दस ग्राम गाय का मक्खन मिलाकर दिन मे
दो बार खाने से टी बी रोग ठीक हो जाता है ।
10) अकरकरा का चूर्ण एक ग्राम दस ग्राम शहद मिलाकर चाटने
से हिचकी दूर हो जाती है ।
11) शहद और दो बूंद नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे
की कांति लौट आती है।
12) एक चम्मच प्याज का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर
बालों पर लगाने से बाल झड़ना बंद हो जाते हैं ।

Tuesday, March 15, 2016

थाइरॉइड (Thaeroed) की प्रॉब्लम में अचूक और जबरदस्त है ये TOP 4 नुस्खे

थाइरॉइड हमारे शरीर की कार्यपद्धति मे बहुत महत्वपूर्ण
भूमिका निभाता है। शरीर में होने वाली मेटाबॉलिज्म
क्रियाओं में थाइरॉइड ग्रंथि से निकलने वाले थाइरॉक्सिन
हार्मोन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मेटाबालिज्म
क्रियाओं से ये निर्धारित होता है कि शरीर में बनी ऊर्जा को
कब स्टोर किया जाए और कब व कितना यूज किया जाए।
इसीलिए शरीर में उपस्थित थाइरॉइड ग्लैंड में किसी भी तरह
की अनियमितता होने पर पूरे शरीर की कार्यप्रणाली
प्रभावित होती है। इस ग्र्रंथि में अनियमितता होने पर
सामान्यत: हाइपोथाइरॉइडिज्म, हाइपरथाइरॉइडिज्म, गठान
होन या कैंसर होने जैसी समस्याएं होती है। अगर आपके साथ भी
थाइरॉइड की ग्रंथि की अनियमितता से जुड़ी कोई समस्या
हो तो नीचे लिखे प्राकृतिक उपायों को अपनाएं।
थाइरॉइड में अनियमितता के लक्षण-
हार्मोनल बदलाव- महिलाओं को पीरियड्स के दौरान
थाइरॉइड की स्थिति में पेट में दर्द अधिक रहता है वहीं
हाइपरथाइरॉइड में अनियमित पीरियड्स रहते हैं। थाइरॉइड की
स्थिति में गर्भ धारण करने में भी दिक्कत हो सकती है।
मोटापा- हाइपोथाइरॉइड की स्थिति में अक्सर तेजी से वजन
बढ़ता है। इतना ही नहीं शरीर में कॉलेस्ट्रॉल का स्तर भी बढ़
जाता है। वहीं हाइपरथाइरॉइड में कॉलेस्ट्रॉल बहुत कम हो
जाता है।
थकान, अवसाद या घबराहट- अगर बिना अधिक मेहनत करने के
बाद भी आप थकान महसूस करते हैं या छोटी-छोटी बातों पर
घबराहट होती है तो इसकी वजह थाइरॉइड हो सकती है।
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द- हाइपोथाइरॉडड यानी शरीर
में टीएसएच अधिक और टी3,टी4 कम होने पर मांसपेशियों में
जोड़ों में अक्सर दर्द रहता है।
गर्दन में सूजन- थाइरॉइड बढऩे पर गर्दन में सूजन की संभावना बढ़
जाती है। गर्दन में सूजन या भारीपन का एहसास हो तो तुरंत
डॉक्टर को दिखाएं।
बालों और त्वचा की समस्या- खासतौर पर हाइपोथाइरॉइड
की स्थिति में त्वचा में रूखापन, बालों का झडऩा, भौंहों के
बालों का झडऩा जैसी समस्याएं होती हैं जबकि
हाइपरथाइरॉइड में बालों का तेजी से झडऩा और संवेदनशील
त्वचा जैले लक्षण दिखते हैं।
पेट खराब होना- लंबे समय तक कान्सटिपेशन की समस्या
हाइपोथाइरॉइड में होती है जबकि हाइपरथाइरॉइड में
डायरिया की दिक्कत बार-बार होती है।
अश्वगंधा- अश्वगंधा सबसे चमत्कारी दवा के रू प में कार्य करता
है। अश्वगंधा का सेवन करने से थाइरॉइड की अनियमितता पर
नियंत्रण होता है। साथ ही कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।
अश्वगंधा के नियमित सेवन से शरीर में भरपूर ऊर्जा बनी रहती है
साथ ही कार्यक्षमता में भी वृद्धि होती है।
समुद्री घास- समुद्री घास को भी थाइरॉइड ग्रंथि को
नियमित बनाने केेे लिए एक रामबाण दवा की तरह काम करती
है। समुद्री घास के सेवन से शरीर को मिनरल्स व आयोडिन
मिलता है। इसीलिए समुद्री घास का सेेवन इस बीमारी मेें
लाभदायक है। इसकेेे अलावा इससे मिलने वाले एंटीऑक्सीडें्स
स्किन को जवान बनाएं रखते हैं।
नींबूं की पत्तियां- नींबू की पत्तियों का सेवन थाइरॉइड को
नियमित करता हैं। दरअसल मुख्य रूप से इसका सेवन थाइरॉक्सिन
के अत्याधिक मात्रा में बनने पर रोक लगाता है। इसकी पत्तियों
की चाय बनाकर पीना भी इस बीमारी में रामबाण औषधि
का काम करती है।
ग्रीन ओट्स- थाइरॉइड में ग्रीन ओट्स एक नेचुरल औषधि की तरह
कार्य करता है। ये शरीर में हो रही थाइरॉक्सिन की अधिकता
व उसके कारण हो रही समस्याओं को मिटाता है।

Sunday, March 13, 2016

दिल की बीमारियां


कब: यदि कम उम्र में मसूड़ों से संबंधित बीमारियां सामने आती हैं, तो आप समझ सकते हैं कि आपको दिल की बीमारी का खतरा बढ़ रहा है। यदि मुंह के अंदर सूजन आ रही हो या मसूड़े लाल पड़ रहे हों तो समझ जाएं कि धमनियों में ब्लॉकेज या इस तरह की परेशानी होने वाली है। कभी-कभी मसूड़ों में होने वाला दर्द और इनका कमजोर होना भी दिल की बीमारी की ओर संकेत करता है।
क्या करें: अपने डेंटिस्ट से कहें कि आपके दांतों की अच्छे से सफाई करे। इससे आपको दिल के रोग होने का खतरा कम रहेगा। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से मिलें।

Saturday, March 12, 2016

छोटे लहसुन के बड़े फायदे

[इन बीमारियों में है रामबाण]
लहसुन सिर्फ खाने के स्वाद
को ही नहीं बढ़ाता बल्कि शरीर
के लिए एक औषधी की तरह
भी काम करता है।इसमें प्रोटीन,
 विटामिन,
खनिज, लवण और फॉस्फोरस, आयरन व विटामिन ए,बी व
सी भी पाए जाते हैं। लहसुन
शरीर की रोग
प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है।
 भोजन में
किसी भी तरह इसका सेवन
करना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है आज हम
बताने जा रहे हैं आपको औषधिय गुण से भरपूर लहसुन के कुछ
ऐसे ही नुस्खों के बारे में जो नीचे
लिखी स्वास्थ्य समस्याओं में रामबाण है।
1-- 100 ग्राम सरसों के तेल में दो ग्राम (आधा चम्मच) अजवाइन के
दाने और आठ-दस लहसुन
की कुली डालकर
धीमी-धीमी आंच
पर पकाएं। जब लहसुन और अजवाइन काली हो जाए
तब तेल उतारकर ठंडा कर छान लें और बोतल में भर दें। इस तेल
को गुनगुना कर इसकी मालिश करने से हर प्रकार
का बदन का दर्द दूर हो जाता है।
2-- लहसुन की एक
कली छीलकर सुबह एक गिलास
पानी से निगल लेने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर
नियंत्रित रहता है।साथ ही ब्लडप्रेशर
भी कंट्रोल में रहता है।
3-- लहसुन डायबिटीज के रोगियों के लिए
भी फायदेमंद होता है। यह शुगर के स्तर को नियंत्रित
करने में कारगर साबित होता है।
4-- खांसी और टीबी में
लहसुन बेहद फायदेमंद है। लहसुन के रस की कुछ
बूंदे रुई पर डालकर सूंघने से सर्दी ठीक
हो जाती है।
5-- लहसुन दमा के इलाज में कारगर साबित होता है। 30
मिली लीटर दूध में लहसुन
की पांच कलियां उबालें और इस मिश्रण का हर रोज सेवन
करने से दमे में शुरुआती अवस्था में
काफी फायदा मिलता है। अदरक की गरम चाय
में लहसुन की दो पिसी कलियां मिलाकर
पीने से भी अस्थमा नियंत्रित रहता है।
6-- लहसुन की दो कलियों को पीसकर
उसमें और एक छोटा चम्मच हल्दी पाउडर मिला कर
क्रीम बना ले इसे सिर्फ मुहांसों पर लगाएं। मुहांसे साफ
हो जाएंगे।
7-- लहसुन की दो कलियां पीसकर एक
गिलास दूध में उबाल लें और ठंडा करके सुबह शाम कुछ दिन
पीएं दिल से संबंधित बीमारियों में आराम
मिलता है।
8-- लहसुन के नियमित सेवन से पेट और भोजन
की नली का कैंसर और स्तन कैंसर
की सम्भावना कम हो जाती है।
9-- नियमित लहसुन खाने से ब्लडप्रेशर नियमित रहता है।
एसीडिटी और गैस्टिक ट्रबल में
भी इसका प्रयोग फायदेमंद होता है। दिल
की बीमारियों के साथ यह तनाव
को भी नियंत्रित करती है।
10-- लहसुन की 5
कलियों को थोड़ा पानी डालकर पीस लें और
उसमें 10 ग्राम शहद मिलाकर सुबह -शाम सेवन करें। इस उपाय
को करने से सफेद बाल काले हो जाएंगे।
11- यदि रोज नियमित रूप से लहसुन की पाँच कलियाँ खाई
जाएँ तो हृदय संबंधी रोग होने की संभावना में
कमी आती है। इसको पीसकर
त्वचा पर लेप करने से विषैले कीड़ों के काटने या डंक मारने
से होने वाली जलन कम हो जाती है।
12- जुकाम और सर्दी में तो यह रामबाण
की तरह काम करता है। पाँच साल तक के बच्चों में
होने वाले प्रॉयमरी कॉम्प्लेक्स में यह बहुत
फायदा करता है। लहसुन को दूध में उबालकर पिलाने से
बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
लहसुन की कलियों को आग में भून कर खिलाने से
बच्चों की साँस चलने
की तकलीफ पर काफी काबू
पाया जा सकता है।
13- लहसुन गठिया और अन्य जोड़ों के रोग में
भी लहसुन का सेवन बहुत ही लाभदायक
है।
लहसुन की बदबू-
अगर आपको लहसुन की गंध पसंद
नहीं है कारण मुंह से बदबू आती है।
मगर लहसुन खाना भी जरूरी है
तो रोजमर्रा के लिये आप लहसुन को छीलकर
या पीसकर दही में मिलाकर खाये तो आपके
मुंह से बदबू नहीं आयेगी। लहसुन खाने
के बाद इसकी बदबू से बचना है तो जरा सा गुड़ और
सूखा धनिया मिलाकर मुंह में डालकर चूसें कुछ देर तक, बदबू बिल्कुल
निकल जायेगी।

Thursday, March 10, 2016

Hair poblem



बालों की तमाम समस्याओं से छुटकारा दिलाए  करेला 

करेला ना केवल खाने के काम आता है बल्कि आप उससे कई
सारी खुद की समस्याएं
भी सुलझा सकती हैं।
 करेले के रस
को बालों में लगाने से वह चमकदार बनते हैं, उनका टूटना कम
हो जाता है, रूसी गायब होती है और
ऐसी ही कई तमाम समस्याएं हल
हो जाती हैं।

 आज कल बाजार में मिलने वाले कठोर शैंपू
बालों का पोषण छीन लेते हैं तथा उन्हें कमजोर बना देते
हैं, पर करेले का रस लगाने से बाल पर कोई उल्टा असर
नहीं पड़ता बल्किल वे और ज्यादा अच्छे हो जाते हैं।
करेले के रस को कई अन्य घरेलू सामग्रियों के साथ प्रयोग
करनी होती है। जब भी करेले
का रस बालों में लगाएं तो उसे कम से कम 1 घंटे के लिये बालों में
ही रहने दें। अच्छा रिजल्ट पाने के लिये इसे हफ्ते में
कई बार इस्तमाल करें। तो चलिये जानते हैं करेले के रस से कैसे पाएं
बालों में मजबूती।
शाइन लाने के लिये ताजे करेले के रस में दही मिलाइये और
बालों में लगाइये। इससे आपके बालों में अच्छी शाइन
आएगी।
दो मुंहे बालों के लिये कच्चे कलेले के रस को सिर में डाल कर हल्के
हाथों से कंघी करें। ऐसा हफते में दो बार करें।
रूसी भगाने के लिये यदि आप करेले और जीरे
को पीस कर पेस्ट बना कर बलों में लगाएं तो आप
महीने भर में रूसी से
छुटकारा पा सकेंगी।
खुजलीदार खोपड़ी के लिये करेले के रस के
साथ या तो एवाकाडो मिलाइये या फिर केले का टुकड़ा। इसे हेयर पैक
बना कर खुजलीदार खोपड़ी पर लगाइये।
रूखे बालों के लिये अगर बाल उलझ गए हैं तो उन पर 1 कप करेले
का रस सिर पर करीबन 15 मिनट तक लगाए रखने के बाद
सिर धो लें। इससे बाल बिल्कुल मुलायम बन जाएंगे।
सफेद बालों के लिये अगर बाल असमय ही सफेद
हो रहे हैं तो करेले का गाढा रस निकालें और उसे बालों पर लगाएं।
ऐसा पूरे 10 दिनों तक करें और लाभ पाएं।
तेलिये बालों के लिये अगर आप अपने आहार में कम तेल
खाएंगी तो आपके बाल
कभी ऑयली नहीं बनेंगे।
अलावा करेले का रस निकाल कर उसे सेब के सिरके के साथ मिक्स करें
और बालों कि जड़ों में लगाएं।
बाल झड़ने के लिये हेयर फॉल को सही करने के लिये
करेले के रस में 1 चम्मच चीनी मिलाइये और
इस पेस्ट को बालों पर लगाइये। इससे प्राकृतिक रूप से बाल झड़ना बंद
हो जाएंगे।

Tuesday, March 8, 2016

How solve acidity problem&

एसिडिटी और बदहजमी .
 पाये मिनटों में
राहत !
अगर आपको हमेशा एसिडिटी की समस्या होती है
और एन्टासिड लेकर बोर हो गए हैं तो नैचुरल चीजों
को ध्यान देने की ज़रूरत है - जो घर पर ही आसानी से
मिल जायें !
कभी - कभी तो यह एन्टासिड एसिडिटी में काम भी
नहीं करते हैं !
जब कुछ भी काम न करे ताे किचन में रखा काला नमक
का डिब्बा बहुत काम करता है !
इससे एसिडिटी - बदहजमी - पेट फूलने की समस्या से
आसानी से राहत मिलती है !
 काला नमक कैसे काम करता है .
 बदहजमी से बचाता है :-
काला नमक लीवर में एक प्रकार के बाइल का उत्पादन
करने में मदद करता है जो हजम शक्ति को उन्नत करने के
साथ - साथ भूख को बढ़ाता है !
बायल में छोटी आंत में जो फैट और फैट - सोल्युबल
विटामिन होते है उसको सोखकर बदहजमी होने से
बचाता है !
 हर्टबर्न के कष्ट से राहत दिलाता है :-
आयुर्वेद में इसका बहुत इस्तेमाल होता है क्योंकि यह पेट
में एसिड को संतुलित करके हर्टबर्न से राहत दिलाता
है !
 पेट का फूलने और एसिडिटी के लक्षणों को कम करता
है :-
काला नमक में सोडियम क्लोराइड - सल्फेट - आयरन -
फेरिक ऑक्साइड आदि होते हैं जो एसिडिटी के
लक्षणों से राहत दिलाने में मदद करते हैं - खाने के बाद
काला नमक लेने से पेट हल्का रहता है !
 शरीर में रक्त की वृद्धि होती है :-
काला नमक में जो आयरन होता है वह शरीर में ब्लड
काउन्ट को बढ़ाकर एनीमिया से लड़ता है !
 कैसे इसका इस्तेमाल करें :-
• आयुर्वेद के अनुसार काला नमक को अजवाइन के साथ
पीसकर उसमें नींबू का रस मिलाकर लेने से एसिडिटी -
हर्टबर्न - पेट का फूलना जैसे लक्षणों से राहत मिलती
है !
इसको खाने के बाद या सोने से पहले लेना अच्छा
होता है !
• दही - रायता - सलाद या दूसरे सब्ज़ियों के ऊपर
भी डालकर खा सकते हैं !
अगर खाने बनाने में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं तो टेबल
सॉल्ट व काला नमक को बराबर भागों में ले
• खाने के बाद काला नमक चबा सकते हैं या एक चुटकी
चाट भी सकते हैं !

Monday, March 7, 2016

Natural weight loss

Good morning;


मोटापा कम करने का एक ऐसा नुस्खा बताएं जो न सिर्फ
मोटापा कम करता है बल्कि बेहद सस्ता और आसानी से मिल
जाने होता है,
 तो कैसा रहेगा। आपने अपनी रसोई में कई तरह के
देखे होगें। उन्हीं में से एक है मसाला है 'अजवाइन'। अजवाइन न
सिर्फ एक मसाला है, बल्कि एक ऐसी औषधि भी है जिसके
प्रयोग से मोटापा कम किया जा सकता है और स्वास्थ्य को
बेहतर बनाया जा सकता है। तो चलिये जानें कि अजवाइन से
मोटापे को कैसे कम किया जा सकता है।
यदि पाचन ठीक न हो तो मोटाबॉलिज्म खराब होता है और
इससे मोटापा भी बढ़ता है। अजवाइन पाचन संबधी किसी भी
समस्या को ठीक करने में सहायक होती है।
 यह एक प्रकार का
एंटी एसिड होती है जोकि बदहज़मी की समस्या से बचाव
करती है। अजवाइन को छाछ के साथ पीने से पाचन संबधी
समस्या जैसे अपच आदि से राहत मिलती है।
अजवाइन मोटापे कम करने में भी कारगर होती है।
 इससे
मोपाटा कम करने के लिये रात को एक चम्मच अजवाइन को एक
गिलास पानी में भिगो कर रख दें।
 सुबह उठने पर इसे छानकर एक
चम्मच शहद के साथ मिलाकर पीएं। इसके नियमित सेवन से जल्द
ही मोटापा कम होने लगता है।
लेकिन अजवाइन या अन्य रोई भी नुस्खा कोई चमत्कार नहीं
होता है। इन नुस्खों के साथ-साथ नियमित एक्सरसाइज व
पौष्टिक और संतुलित भोजन करने की भी जरूरत होती है। साथ
ही शरीर को ठीक से हाइड्रेट भी रखना होता है।

Sunday, March 6, 2016

Natural hair gain


बाल झड़ने की समस्या
1. उड़द की दाल को उबाल कर पीस लें। रात को सोते समय इस
पिट्ठी का लेप सिर पर कुछ दिनों तक करते रहने से गंजापन
समाप्त हो जाता है।
2. मैथी का प्रयोग- मेथी को पूरी रात भिगो दें और सुबह उसे
गाढ़ी दही में मिला कर अपने बालों और जड़ो में लगाएं। उसके
बाद बालों को धो लें इससे रूसी और सिर की त्वचा में जो भी
समस्या होगी वह दूर हो जाएगी। मेथी में निकोटिनिक एसिड
और प्रोटीन पाया जाता है जो बालों की जड़ो को प्रोषण
पहुंचाता है और बालों की ग्रोथ को भी बढ़ाता है। इसके
प्रयोग से सूखे और डैमेज बाल भी ठीक हो जाते हैं।
3. हरा धनिया - हरे धनिए का लेप जिस स्थान पर बाल उड़ गए
हैं, वहां करने से बाल उगने लगते हैं।
4. मुलैठी - थोड़ी सी मुलैठी को दूध में पीसकर, फिर उसमें
चुटकी भर केसर डाल कर उसका पेस्ट बनाकर सोते समय सिर में
लगाने से गंजेपन की समस्या दूर होती है.
5. केला - केले का गूदा निकालकर उसे नीँबू के रस में मिलाकर
सिर पर लगाने से बालों के उडने की समस्या में लाभ होता है।
6. अनार - अनार की पती पीसकर पर लगाने से गंजेपन का
निवारण होता है।
7. प्याज - प्याज काटकर दो भाग करें। आधे प्याज को सिर पर
5 मिनिट रोज रगडें, बाल आने लगेंगे।
8. नीम का पेस्ट सिर में कुछ देर लगाए रखें। फिर बाल धो लें।
बाल झड़ना बंद हो जाएगा।
9. बेसन मिला दूध या दही के घोल से बालों को धोएं। फायदा
होगा।
10. दस मिनट का कच्चे पपीता का पेस्ट सिर में लगाएं। बाल
नहीं झड़ेंगे और डेंड्रफ (रूसी) भी नहीं होगी।