प्रोटीनयुक्त आहार लें स्वस्थ और चमकदार रंगत के लिए अपने आहार में काफी मात्रा में पतला मांस, अंडे, दालें और पनीर सम्मिलित करें। इनमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। ये प्रोटीनयुक्त भोजन सामग्री हड्डियां और दांतों को स्वस्थ बनाने में भी सहायक होती हैं। खट्टे फल कोलेजन का निर्माण करते हैं जो त्वचा की कोशिकाओं को पकड़ कर रखता है। कोलेजन को त्वचा में बाहर से नहीं जोड़ा जा सकता, यही कारण है कि फल तथा फलों का रस हमारे दैनिक आहार का एक भाग होना चाहिए,
Wednesday, April 13, 2016
Friday, April 1, 2016
How eat fruit ?
1. फलो से संबंधित पढ़ाई को “Pomology” कहा जाता है।
2. अमेरिका की दुकानो पर जो सेब बेचा जाता है वह एक साल पुराना होता है।
3. क्या आप जानते है दुनिया का सबसे Produce होने वाला फल टमाटर है।
4. लीची के बीज खाने नही चाहिए क्योंकि यह जहरीले होते है.
5. अंगूर के कुल उत्पादन का 71 प्रतिशत हिस्सा शराब बनाने में उपयोग किया जाता है.
6. सेब का तेल त्वचा के लिए बहुत ही लाभदायक है. यह त्वचा पर पड़ी झुर्रियां, टूटी त्वचा , खुजली और सूजन को दूर करता है.
7. केले थोड़े से रेडियोधर्मी भी होते है।
8. दवाई लेने के बाद अंगूर खाने से आपकी मौत भी हो सकती है।
9.यदि आप अंगूरो को माइक्रोवेव में रखते है तो यह फट जाएगें
।10. सेब पानी में तैरने लगते है क्योंकि उनमें 25 प्रतीशत हवा होती है।
11. अगर आप को किसी चीज से ईर्ष्या(जलन) है तो अगर आप केले खाए तो यह कम हो सकती है. क्योंकि इन में एक प्राक्रितक अम्ल(तेजाब) होता है जो कि हमारे शरीर के अंदर जाकर इसके प्रभाव को कम करता है.
12. सेब लगभग 7,000 प्रकार के होते है.
13. आम दुनिया में सबसे पसंद किया जाने वाला फल है. इसे फलों का राजा कहते है और यह भारत का राष्ट्रीय फल है.
14. स्ट्रॉबेरी और काजू एकलौते ऐसे फल है जिनके बीज फल के बाहर होते है जबकि अन्य फलों के अंदर होते है.
15. कई सालों पहले खोजकर्ता लंबे अभियानों पर पानी ले जाने के निए तरबूज का उपयोग करते थे.
16. क्या आपको पता है कि केला पानी में तैर सकता है।
17. केलों को कच्चा तोड़ने के बाद रसायनिक तरीको से पकाया जा सकता है जबकि अंगूरों को नही।
18. जापानी किसानो द्वारा “वर्गाकार तरबूज” उगाए जाते है ताकि इन्हें आसानी से स्टोर किया जा सके।
19. अगर किसी पेड़ पर लगे अनानास को उल्टा कर दिया जाए तो यह जल्दी पक जाता है.
20. टमाटर में मनुष्य से ज्यादा जीन्स पाए जाते है।
21. मनुष्य के “DNA” का 50% हिस्सा केले के साथ मिलता जुलता है।
22. नींबू सफाई करने के लिए सबसे उपयुक्त फल है क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में ऐसा तेजाब पाया जाता है जो कि बैक्टीरिया को मार देता है
23. आप नाशपाती के छिल्के के साथ फर्नीचर बना सकते है क्योंकि यह बहुत सख्त होता है.
24. “Coffee” पीने की तुलना में सेब खाने से अधिक ऊर्जा प्राप्त होती है।
25. कुछ वैज्ञानिक मानते है कि केला धरती का पहला फल है.
26. गोभी में भी तरबूज के जितना ही पानी होता है. तरबूज में 92 प्रतिशत जबकि गोभी और गाजर में क्रमश 90 प्रतिशत और 87 प्रतिशत होता है.
27. आप मूंगफली के तेल द्वारा नाईट्रोग्लिसरीन तैयार कर सकते है जो कि बारूद का एक मुख्य हिस्सा होता है.
28. एक सुखे फल में ताजा फल से ज्यादा कैलोरी होती है क्योंकि सुखे फल से पानी की मात्रा बाहर निकल जाती है.
29. अनानास वास्तव में एक बड़े आकार का बेर है।
30. स्ट्राबेरी में संतरे से भी अधिक “Vitamin C” पाया जाता है।
31. लाल फल आप के दिल को मजबूत रखने में सहायक होते है.
32. अध्ययनों के बाद पता चला है कि रोज सुबह अंगूर खाने से वजन 1.5 किलो तक कम हो सकता है. यह मधुमेह से भी बचाव करता है.
33. संतरी फल आपकी ऑखों को, पीले फल सही तापमान को बरकरार और हरे फल आप की हड्डियो और दांतों को स्वस्थ रखते है. नीले और बैंगनी रंग के फल याददाश्त को अच्छा रखते है.
2. अमेरिका की दुकानो पर जो सेब बेचा जाता है वह एक साल पुराना होता है।
3. क्या आप जानते है दुनिया का सबसे Produce होने वाला फल टमाटर है।
4. लीची के बीज खाने नही चाहिए क्योंकि यह जहरीले होते है.
5. अंगूर के कुल उत्पादन का 71 प्रतिशत हिस्सा शराब बनाने में उपयोग किया जाता है.
6. सेब का तेल त्वचा के लिए बहुत ही लाभदायक है. यह त्वचा पर पड़ी झुर्रियां, टूटी त्वचा , खुजली और सूजन को दूर करता है.
7. केले थोड़े से रेडियोधर्मी भी होते है।
8. दवाई लेने के बाद अंगूर खाने से आपकी मौत भी हो सकती है।
9.यदि आप अंगूरो को माइक्रोवेव में रखते है तो यह फट जाएगें
।10. सेब पानी में तैरने लगते है क्योंकि उनमें 25 प्रतीशत हवा होती है।
11. अगर आप को किसी चीज से ईर्ष्या(जलन) है तो अगर आप केले खाए तो यह कम हो सकती है. क्योंकि इन में एक प्राक्रितक अम्ल(तेजाब) होता है जो कि हमारे शरीर के अंदर जाकर इसके प्रभाव को कम करता है.
12. सेब लगभग 7,000 प्रकार के होते है.
13. आम दुनिया में सबसे पसंद किया जाने वाला फल है. इसे फलों का राजा कहते है और यह भारत का राष्ट्रीय फल है.
14. स्ट्रॉबेरी और काजू एकलौते ऐसे फल है जिनके बीज फल के बाहर होते है जबकि अन्य फलों के अंदर होते है.
15. कई सालों पहले खोजकर्ता लंबे अभियानों पर पानी ले जाने के निए तरबूज का उपयोग करते थे.
16. क्या आपको पता है कि केला पानी में तैर सकता है।
17. केलों को कच्चा तोड़ने के बाद रसायनिक तरीको से पकाया जा सकता है जबकि अंगूरों को नही।
18. जापानी किसानो द्वारा “वर्गाकार तरबूज” उगाए जाते है ताकि इन्हें आसानी से स्टोर किया जा सके।
19. अगर किसी पेड़ पर लगे अनानास को उल्टा कर दिया जाए तो यह जल्दी पक जाता है.
20. टमाटर में मनुष्य से ज्यादा जीन्स पाए जाते है।
21. मनुष्य के “DNA” का 50% हिस्सा केले के साथ मिलता जुलता है।
22. नींबू सफाई करने के लिए सबसे उपयुक्त फल है क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में ऐसा तेजाब पाया जाता है जो कि बैक्टीरिया को मार देता है
23. आप नाशपाती के छिल्के के साथ फर्नीचर बना सकते है क्योंकि यह बहुत सख्त होता है.
24. “Coffee” पीने की तुलना में सेब खाने से अधिक ऊर्जा प्राप्त होती है।
25. कुछ वैज्ञानिक मानते है कि केला धरती का पहला फल है.
26. गोभी में भी तरबूज के जितना ही पानी होता है. तरबूज में 92 प्रतिशत जबकि गोभी और गाजर में क्रमश 90 प्रतिशत और 87 प्रतिशत होता है.
27. आप मूंगफली के तेल द्वारा नाईट्रोग्लिसरीन तैयार कर सकते है जो कि बारूद का एक मुख्य हिस्सा होता है.
28. एक सुखे फल में ताजा फल से ज्यादा कैलोरी होती है क्योंकि सुखे फल से पानी की मात्रा बाहर निकल जाती है.
29. अनानास वास्तव में एक बड़े आकार का बेर है।
30. स्ट्राबेरी में संतरे से भी अधिक “Vitamin C” पाया जाता है।
31. लाल फल आप के दिल को मजबूत रखने में सहायक होते है.
32. अध्ययनों के बाद पता चला है कि रोज सुबह अंगूर खाने से वजन 1.5 किलो तक कम हो सकता है. यह मधुमेह से भी बचाव करता है.
33. संतरी फल आपकी ऑखों को, पीले फल सही तापमान को बरकरार और हरे फल आप की हड्डियो और दांतों को स्वस्थ रखते है. नीले और बैंगनी रंग के फल याददाश्त को अच्छा रखते है.
Thursday, March 17, 2016
====शहद के औषधीय गुण====
रोज छोटे बच्चों को चटा देने से वे मजबूत कांतिवान मोटे हो
जाते है ।
2) बच्चों को खांसी होने पर एक चम्मच शहद मे एक चुटकी हल्दी
मिलाकर सोते समय व सुबह खाली पेट चटा दे दो तीन दिनों मे
खांसी गायब हो जाएगी । इस नुस्खे को बडे भी आजमा सकते
हैं।
3) शहद मे अदरक का रस और एक चुटकी दालचीनी पावडर
मिलाकर चाटने से जोड़ों मे आराम मिलता है । खांसी होने पर
भी इस प्रयोग को आजमाए सौ प्रतिशत आराम मिल जाएगा ।
4) भोजन से अरुचि होने पर एक चम्मच खट्टे अनार का रस और एक
बड़ा चम्मच शहद और सेंधा नमक मिलाकर खिलाने से भोजन मे
रुचि पैदा हो जाती है ।
5) एक चुटकी छोटी हरड़ का पावडर और एक चम्मच शहद
मिलाकर खाने से अम्ल पित्त शांत हो जाता है ।
6) आधा नींबू का रस एक चम्मच शहद मिलाकर चाट लें अम्ल
पित्त मे आराम हो जाएगा ।
7) नींबू के पत्तों का रस और शहद समान मात्रा मे लेकर खिलाने
से पेट के कीड़े मर जाते है ।
8) त्रिफला एक छोटी चम्मच और एक चम्मच शहद मिलाकर
रात्री के समय खाने के बाद चाट लिया करें और ऊपर से दूध पी लें
, पेट के सभी रोगों से छुटकारा मिल जाएगा ।
9) बीस ग्राम शहद दस ग्राम गाय का मक्खन मिलाकर दिन मे
दो बार खाने से टी बी रोग ठीक हो जाता है ।
10) अकरकरा का चूर्ण एक ग्राम दस ग्राम शहद मिलाकर चाटने
से हिचकी दूर हो जाती है ।
11) शहद और दो बूंद नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे
की कांति लौट आती है।
12) एक चम्मच प्याज का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर
बालों पर लगाने से बाल झड़ना बंद हो जाते हैं ।
Tuesday, March 15, 2016
थाइरॉइड (Thaeroed) की प्रॉब्लम में अचूक और जबरदस्त है ये TOP 4 नुस्खे
थाइरॉइड हमारे शरीर की कार्यपद्धति मे बहुत महत्वपूर्ण
भूमिका निभाता है। शरीर में होने वाली मेटाबॉलिज्म
क्रियाओं में थाइरॉइड ग्रंथि से निकलने वाले थाइरॉक्सिन
हार्मोन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मेटाबालिज्म
क्रियाओं से ये निर्धारित होता है कि शरीर में बनी ऊर्जा को
कब स्टोर किया जाए और कब व कितना यूज किया जाए।
इसीलिए शरीर में उपस्थित थाइरॉइड ग्लैंड में किसी भी तरह
की अनियमितता होने पर पूरे शरीर की कार्यप्रणाली
प्रभावित होती है। इस ग्र्रंथि में अनियमितता होने पर
सामान्यत: हाइपोथाइरॉइडिज्म, हाइपरथाइरॉइडिज्म, गठान
होन या कैंसर होने जैसी समस्याएं होती है। अगर आपके साथ भी
थाइरॉइड की ग्रंथि की अनियमितता से जुड़ी कोई समस्या
हो तो नीचे लिखे प्राकृतिक उपायों को अपनाएं।
थाइरॉइड में अनियमितता के लक्षण-
हार्मोनल बदलाव- महिलाओं को पीरियड्स के दौरान
थाइरॉइड की स्थिति में पेट में दर्द अधिक रहता है वहीं
हाइपरथाइरॉइड में अनियमित पीरियड्स रहते हैं। थाइरॉइड की
स्थिति में गर्भ धारण करने में भी दिक्कत हो सकती है।
मोटापा- हाइपोथाइरॉइड की स्थिति में अक्सर तेजी से वजन
बढ़ता है। इतना ही नहीं शरीर में कॉलेस्ट्रॉल का स्तर भी बढ़
जाता है। वहीं हाइपरथाइरॉइड में कॉलेस्ट्रॉल बहुत कम हो
जाता है।
थकान, अवसाद या घबराहट- अगर बिना अधिक मेहनत करने के
बाद भी आप थकान महसूस करते हैं या छोटी-छोटी बातों पर
घबराहट होती है तो इसकी वजह थाइरॉइड हो सकती है।
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द- हाइपोथाइरॉडड यानी शरीर
में टीएसएच अधिक और टी3,टी4 कम होने पर मांसपेशियों में
जोड़ों में अक्सर दर्द रहता है।
गर्दन में सूजन- थाइरॉइड बढऩे पर गर्दन में सूजन की संभावना बढ़
जाती है। गर्दन में सूजन या भारीपन का एहसास हो तो तुरंत
डॉक्टर को दिखाएं।
बालों और त्वचा की समस्या- खासतौर पर हाइपोथाइरॉइड
की स्थिति में त्वचा में रूखापन, बालों का झडऩा, भौंहों के
बालों का झडऩा जैसी समस्याएं होती हैं जबकि
हाइपरथाइरॉइड में बालों का तेजी से झडऩा और संवेदनशील
त्वचा जैले लक्षण दिखते हैं।
पेट खराब होना- लंबे समय तक कान्सटिपेशन की समस्या
हाइपोथाइरॉइड में होती है जबकि हाइपरथाइरॉइड में
डायरिया की दिक्कत बार-बार होती है।
अश्वगंधा- अश्वगंधा सबसे चमत्कारी दवा के रू प में कार्य करता
है। अश्वगंधा का सेवन करने से थाइरॉइड की अनियमितता पर
नियंत्रण होता है। साथ ही कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।
अश्वगंधा के नियमित सेवन से शरीर में भरपूर ऊर्जा बनी रहती है
साथ ही कार्यक्षमता में भी वृद्धि होती है।
समुद्री घास- समुद्री घास को भी थाइरॉइड ग्रंथि को
नियमित बनाने केेे लिए एक रामबाण दवा की तरह काम करती
है। समुद्री घास के सेवन से शरीर को मिनरल्स व आयोडिन
मिलता है। इसीलिए समुद्री घास का सेेवन इस बीमारी मेें
लाभदायक है। इसकेेे अलावा इससे मिलने वाले एंटीऑक्सीडें्स
स्किन को जवान बनाएं रखते हैं।
नींबूं की पत्तियां- नींबू की पत्तियों का सेवन थाइरॉइड को
नियमित करता हैं। दरअसल मुख्य रूप से इसका सेवन थाइरॉक्सिन
के अत्याधिक मात्रा में बनने पर रोक लगाता है। इसकी पत्तियों
की चाय बनाकर पीना भी इस बीमारी में रामबाण औषधि
का काम करती है।
ग्रीन ओट्स- थाइरॉइड में ग्रीन ओट्स एक नेचुरल औषधि की तरह
कार्य करता है। ये शरीर में हो रही थाइरॉक्सिन की अधिकता
व उसके कारण हो रही समस्याओं को मिटाता है।
भूमिका निभाता है। शरीर में होने वाली मेटाबॉलिज्म
क्रियाओं में थाइरॉइड ग्रंथि से निकलने वाले थाइरॉक्सिन
हार्मोन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मेटाबालिज्म
क्रियाओं से ये निर्धारित होता है कि शरीर में बनी ऊर्जा को
कब स्टोर किया जाए और कब व कितना यूज किया जाए।
इसीलिए शरीर में उपस्थित थाइरॉइड ग्लैंड में किसी भी तरह
की अनियमितता होने पर पूरे शरीर की कार्यप्रणाली
प्रभावित होती है। इस ग्र्रंथि में अनियमितता होने पर
सामान्यत: हाइपोथाइरॉइडिज्म, हाइपरथाइरॉइडिज्म, गठान
होन या कैंसर होने जैसी समस्याएं होती है। अगर आपके साथ भी
थाइरॉइड की ग्रंथि की अनियमितता से जुड़ी कोई समस्या
हो तो नीचे लिखे प्राकृतिक उपायों को अपनाएं।
थाइरॉइड में अनियमितता के लक्षण-
हार्मोनल बदलाव- महिलाओं को पीरियड्स के दौरान
थाइरॉइड की स्थिति में पेट में दर्द अधिक रहता है वहीं
हाइपरथाइरॉइड में अनियमित पीरियड्स रहते हैं। थाइरॉइड की
स्थिति में गर्भ धारण करने में भी दिक्कत हो सकती है।
मोटापा- हाइपोथाइरॉइड की स्थिति में अक्सर तेजी से वजन
बढ़ता है। इतना ही नहीं शरीर में कॉलेस्ट्रॉल का स्तर भी बढ़
जाता है। वहीं हाइपरथाइरॉइड में कॉलेस्ट्रॉल बहुत कम हो
जाता है।
थकान, अवसाद या घबराहट- अगर बिना अधिक मेहनत करने के
बाद भी आप थकान महसूस करते हैं या छोटी-छोटी बातों पर
घबराहट होती है तो इसकी वजह थाइरॉइड हो सकती है।
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द- हाइपोथाइरॉडड यानी शरीर
में टीएसएच अधिक और टी3,टी4 कम होने पर मांसपेशियों में
जोड़ों में अक्सर दर्द रहता है।
गर्दन में सूजन- थाइरॉइड बढऩे पर गर्दन में सूजन की संभावना बढ़
जाती है। गर्दन में सूजन या भारीपन का एहसास हो तो तुरंत
डॉक्टर को दिखाएं।
बालों और त्वचा की समस्या- खासतौर पर हाइपोथाइरॉइड
की स्थिति में त्वचा में रूखापन, बालों का झडऩा, भौंहों के
बालों का झडऩा जैसी समस्याएं होती हैं जबकि
हाइपरथाइरॉइड में बालों का तेजी से झडऩा और संवेदनशील
त्वचा जैले लक्षण दिखते हैं।
पेट खराब होना- लंबे समय तक कान्सटिपेशन की समस्या
हाइपोथाइरॉइड में होती है जबकि हाइपरथाइरॉइड में
डायरिया की दिक्कत बार-बार होती है।
अश्वगंधा- अश्वगंधा सबसे चमत्कारी दवा के रू प में कार्य करता
है। अश्वगंधा का सेवन करने से थाइरॉइड की अनियमितता पर
नियंत्रण होता है। साथ ही कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।
अश्वगंधा के नियमित सेवन से शरीर में भरपूर ऊर्जा बनी रहती है
साथ ही कार्यक्षमता में भी वृद्धि होती है।
समुद्री घास- समुद्री घास को भी थाइरॉइड ग्रंथि को
नियमित बनाने केेे लिए एक रामबाण दवा की तरह काम करती
है। समुद्री घास के सेवन से शरीर को मिनरल्स व आयोडिन
मिलता है। इसीलिए समुद्री घास का सेेवन इस बीमारी मेें
लाभदायक है। इसकेेे अलावा इससे मिलने वाले एंटीऑक्सीडें्स
स्किन को जवान बनाएं रखते हैं।
नींबूं की पत्तियां- नींबू की पत्तियों का सेवन थाइरॉइड को
नियमित करता हैं। दरअसल मुख्य रूप से इसका सेवन थाइरॉक्सिन
के अत्याधिक मात्रा में बनने पर रोक लगाता है। इसकी पत्तियों
की चाय बनाकर पीना भी इस बीमारी में रामबाण औषधि
का काम करती है।
ग्रीन ओट्स- थाइरॉइड में ग्रीन ओट्स एक नेचुरल औषधि की तरह
कार्य करता है। ये शरीर में हो रही थाइरॉक्सिन की अधिकता
व उसके कारण हो रही समस्याओं को मिटाता है।
Sunday, March 13, 2016
दिल की बीमारियां
कब: यदि कम उम्र में मसूड़ों से संबंधित बीमारियां सामने आती हैं, तो आप समझ सकते हैं कि आपको दिल की बीमारी का खतरा बढ़ रहा है। यदि मुंह के अंदर सूजन आ रही हो या मसूड़े लाल पड़ रहे हों तो समझ जाएं कि धमनियों में ब्लॉकेज या इस तरह की परेशानी होने वाली है। कभी-कभी मसूड़ों में होने वाला दर्द और इनका कमजोर होना भी दिल की बीमारी की ओर संकेत करता है।
क्या करें: अपने डेंटिस्ट से कहें कि आपके दांतों की अच्छे से सफाई करे। इससे आपको दिल के रोग होने का खतरा कम रहेगा। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से मिलें।
Saturday, March 12, 2016
छोटे लहसुन के बड़े फायदे
[इन बीमारियों में है रामबाण]
लहसुन सिर्फ खाने के स्वाद
को ही नहीं बढ़ाता बल्कि शरीर
के लिए एक औषधी की तरह
भी काम करता है।इसमें प्रोटीन,
विटामिन,
खनिज, लवण और फॉस्फोरस, आयरन व विटामिन ए,बी व
सी भी पाए जाते हैं। लहसुन
शरीर की रोग
प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है।
भोजन में
किसी भी तरह इसका सेवन
करना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है आज हम
बताने जा रहे हैं आपको औषधिय गुण से भरपूर लहसुन के कुछ
ऐसे ही नुस्खों के बारे में जो नीचे
लिखी स्वास्थ्य समस्याओं में रामबाण है।
1-- 100 ग्राम सरसों के तेल में दो ग्राम (आधा चम्मच) अजवाइन के
दाने और आठ-दस लहसुन
की कुली डालकर
धीमी-धीमी आंच
पर पकाएं। जब लहसुन और अजवाइन काली हो जाए
तब तेल उतारकर ठंडा कर छान लें और बोतल में भर दें। इस तेल
को गुनगुना कर इसकी मालिश करने से हर प्रकार
का बदन का दर्द दूर हो जाता है।
2-- लहसुन की एक
कली छीलकर सुबह एक गिलास
पानी से निगल लेने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर
नियंत्रित रहता है।साथ ही ब्लडप्रेशर
भी कंट्रोल में रहता है।
3-- लहसुन डायबिटीज के रोगियों के लिए
भी फायदेमंद होता है। यह शुगर के स्तर को नियंत्रित
करने में कारगर साबित होता है।
4-- खांसी और टीबी में
लहसुन बेहद फायदेमंद है। लहसुन के रस की कुछ
बूंदे रुई पर डालकर सूंघने से सर्दी ठीक
हो जाती है।
5-- लहसुन दमा के इलाज में कारगर साबित होता है। 30
मिली लीटर दूध में लहसुन
की पांच कलियां उबालें और इस मिश्रण का हर रोज सेवन
करने से दमे में शुरुआती अवस्था में
काफी फायदा मिलता है। अदरक की गरम चाय
में लहसुन की दो पिसी कलियां मिलाकर
पीने से भी अस्थमा नियंत्रित रहता है।
6-- लहसुन की दो कलियों को पीसकर
उसमें और एक छोटा चम्मच हल्दी पाउडर मिला कर
क्रीम बना ले इसे सिर्फ मुहांसों पर लगाएं। मुहांसे साफ
हो जाएंगे।
7-- लहसुन की दो कलियां पीसकर एक
गिलास दूध में उबाल लें और ठंडा करके सुबह शाम कुछ दिन
पीएं दिल से संबंधित बीमारियों में आराम
मिलता है।
8-- लहसुन के नियमित सेवन से पेट और भोजन
की नली का कैंसर और स्तन कैंसर
की सम्भावना कम हो जाती है।
9-- नियमित लहसुन खाने से ब्लडप्रेशर नियमित रहता है।
एसीडिटी और गैस्टिक ट्रबल में
भी इसका प्रयोग फायदेमंद होता है। दिल
की बीमारियों के साथ यह तनाव
को भी नियंत्रित करती है।
10-- लहसुन की 5
कलियों को थोड़ा पानी डालकर पीस लें और
उसमें 10 ग्राम शहद मिलाकर सुबह -शाम सेवन करें। इस उपाय
को करने से सफेद बाल काले हो जाएंगे।
11- यदि रोज नियमित रूप से लहसुन की पाँच कलियाँ खाई
जाएँ तो हृदय संबंधी रोग होने की संभावना में
कमी आती है। इसको पीसकर
त्वचा पर लेप करने से विषैले कीड़ों के काटने या डंक मारने
से होने वाली जलन कम हो जाती है।
12- जुकाम और सर्दी में तो यह रामबाण
की तरह काम करता है। पाँच साल तक के बच्चों में
होने वाले प्रॉयमरी कॉम्प्लेक्स में यह बहुत
फायदा करता है। लहसुन को दूध में उबालकर पिलाने से
बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
लहसुन की कलियों को आग में भून कर खिलाने से
बच्चों की साँस चलने
की तकलीफ पर काफी काबू
पाया जा सकता है।
13- लहसुन गठिया और अन्य जोड़ों के रोग में
भी लहसुन का सेवन बहुत ही लाभदायक
है।
लहसुन की बदबू-
अगर आपको लहसुन की गंध पसंद
नहीं है कारण मुंह से बदबू आती है।
मगर लहसुन खाना भी जरूरी है
तो रोजमर्रा के लिये आप लहसुन को छीलकर
या पीसकर दही में मिलाकर खाये तो आपके
मुंह से बदबू नहीं आयेगी। लहसुन खाने
के बाद इसकी बदबू से बचना है तो जरा सा गुड़ और
सूखा धनिया मिलाकर मुंह में डालकर चूसें कुछ देर तक, बदबू बिल्कुल
निकल जायेगी।
लहसुन सिर्फ खाने के स्वाद
को ही नहीं बढ़ाता बल्कि शरीर
के लिए एक औषधी की तरह
भी काम करता है।इसमें प्रोटीन,
विटामिन,
खनिज, लवण और फॉस्फोरस, आयरन व विटामिन ए,बी व
सी भी पाए जाते हैं। लहसुन
शरीर की रोग
प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है।
भोजन में
किसी भी तरह इसका सेवन
करना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है आज हम
बताने जा रहे हैं आपको औषधिय गुण से भरपूर लहसुन के कुछ
ऐसे ही नुस्खों के बारे में जो नीचे
लिखी स्वास्थ्य समस्याओं में रामबाण है।
1-- 100 ग्राम सरसों के तेल में दो ग्राम (आधा चम्मच) अजवाइन के
दाने और आठ-दस लहसुन
की कुली डालकर
धीमी-धीमी आंच
पर पकाएं। जब लहसुन और अजवाइन काली हो जाए
तब तेल उतारकर ठंडा कर छान लें और बोतल में भर दें। इस तेल
को गुनगुना कर इसकी मालिश करने से हर प्रकार
का बदन का दर्द दूर हो जाता है।
2-- लहसुन की एक
कली छीलकर सुबह एक गिलास
पानी से निगल लेने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर
नियंत्रित रहता है।साथ ही ब्लडप्रेशर
भी कंट्रोल में रहता है।
3-- लहसुन डायबिटीज के रोगियों के लिए
भी फायदेमंद होता है। यह शुगर के स्तर को नियंत्रित
करने में कारगर साबित होता है।
4-- खांसी और टीबी में
लहसुन बेहद फायदेमंद है। लहसुन के रस की कुछ
बूंदे रुई पर डालकर सूंघने से सर्दी ठीक
हो जाती है।
5-- लहसुन दमा के इलाज में कारगर साबित होता है। 30
मिली लीटर दूध में लहसुन
की पांच कलियां उबालें और इस मिश्रण का हर रोज सेवन
करने से दमे में शुरुआती अवस्था में
काफी फायदा मिलता है। अदरक की गरम चाय
में लहसुन की दो पिसी कलियां मिलाकर
पीने से भी अस्थमा नियंत्रित रहता है।
6-- लहसुन की दो कलियों को पीसकर
उसमें और एक छोटा चम्मच हल्दी पाउडर मिला कर
क्रीम बना ले इसे सिर्फ मुहांसों पर लगाएं। मुहांसे साफ
हो जाएंगे।
7-- लहसुन की दो कलियां पीसकर एक
गिलास दूध में उबाल लें और ठंडा करके सुबह शाम कुछ दिन
पीएं दिल से संबंधित बीमारियों में आराम
मिलता है।
8-- लहसुन के नियमित सेवन से पेट और भोजन
की नली का कैंसर और स्तन कैंसर
की सम्भावना कम हो जाती है।
9-- नियमित लहसुन खाने से ब्लडप्रेशर नियमित रहता है।
एसीडिटी और गैस्टिक ट्रबल में
भी इसका प्रयोग फायदेमंद होता है। दिल
की बीमारियों के साथ यह तनाव
को भी नियंत्रित करती है।
10-- लहसुन की 5
कलियों को थोड़ा पानी डालकर पीस लें और
उसमें 10 ग्राम शहद मिलाकर सुबह -शाम सेवन करें। इस उपाय
को करने से सफेद बाल काले हो जाएंगे।
11- यदि रोज नियमित रूप से लहसुन की पाँच कलियाँ खाई
जाएँ तो हृदय संबंधी रोग होने की संभावना में
कमी आती है। इसको पीसकर
त्वचा पर लेप करने से विषैले कीड़ों के काटने या डंक मारने
से होने वाली जलन कम हो जाती है।
12- जुकाम और सर्दी में तो यह रामबाण
की तरह काम करता है। पाँच साल तक के बच्चों में
होने वाले प्रॉयमरी कॉम्प्लेक्स में यह बहुत
फायदा करता है। लहसुन को दूध में उबालकर पिलाने से
बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
लहसुन की कलियों को आग में भून कर खिलाने से
बच्चों की साँस चलने
की तकलीफ पर काफी काबू
पाया जा सकता है।
13- लहसुन गठिया और अन्य जोड़ों के रोग में
भी लहसुन का सेवन बहुत ही लाभदायक
है।
लहसुन की बदबू-
अगर आपको लहसुन की गंध पसंद
नहीं है कारण मुंह से बदबू आती है।
मगर लहसुन खाना भी जरूरी है
तो रोजमर्रा के लिये आप लहसुन को छीलकर
या पीसकर दही में मिलाकर खाये तो आपके
मुंह से बदबू नहीं आयेगी। लहसुन खाने
के बाद इसकी बदबू से बचना है तो जरा सा गुड़ और
सूखा धनिया मिलाकर मुंह में डालकर चूसें कुछ देर तक, बदबू बिल्कुल
निकल जायेगी।
Thursday, March 10, 2016
Hair poblem
बालों की तमाम समस्याओं से छुटकारा दिलाए करेला
करेला ना केवल खाने के काम आता है बल्कि आप उससे कई
सारी खुद की समस्याएं
भी सुलझा सकती हैं।
करेले के रस
को बालों में लगाने से वह चमकदार बनते हैं, उनका टूटना कम
हो जाता है, रूसी गायब होती है और
ऐसी ही कई तमाम समस्याएं हल
हो जाती हैं।
आज कल बाजार में मिलने वाले कठोर शैंपू
बालों का पोषण छीन लेते हैं तथा उन्हें कमजोर बना देते
हैं, पर करेले का रस लगाने से बाल पर कोई उल्टा असर
नहीं पड़ता बल्किल वे और ज्यादा अच्छे हो जाते हैं।
करेले के रस को कई अन्य घरेलू सामग्रियों के साथ प्रयोग
करनी होती है। जब भी करेले
का रस बालों में लगाएं तो उसे कम से कम 1 घंटे के लिये बालों में
ही रहने दें। अच्छा रिजल्ट पाने के लिये इसे हफ्ते में
कई बार इस्तमाल करें। तो चलिये जानते हैं करेले के रस से कैसे पाएं
बालों में मजबूती।
शाइन लाने के लिये ताजे करेले के रस में दही मिलाइये और
बालों में लगाइये। इससे आपके बालों में अच्छी शाइन
आएगी।
दो मुंहे बालों के लिये कच्चे कलेले के रस को सिर में डाल कर हल्के
हाथों से कंघी करें। ऐसा हफते में दो बार करें।
रूसी भगाने के लिये यदि आप करेले और जीरे
को पीस कर पेस्ट बना कर बलों में लगाएं तो आप
महीने भर में रूसी से
छुटकारा पा सकेंगी।
खुजलीदार खोपड़ी के लिये करेले के रस के
साथ या तो एवाकाडो मिलाइये या फिर केले का टुकड़ा। इसे हेयर पैक
बना कर खुजलीदार खोपड़ी पर लगाइये।
रूखे बालों के लिये अगर बाल उलझ गए हैं तो उन पर 1 कप करेले
का रस सिर पर करीबन 15 मिनट तक लगाए रखने के बाद
सिर धो लें। इससे बाल बिल्कुल मुलायम बन जाएंगे।
सफेद बालों के लिये अगर बाल असमय ही सफेद
हो रहे हैं तो करेले का गाढा रस निकालें और उसे बालों पर लगाएं।
ऐसा पूरे 10 दिनों तक करें और लाभ पाएं।
तेलिये बालों के लिये अगर आप अपने आहार में कम तेल
खाएंगी तो आपके बाल
कभी ऑयली नहीं बनेंगे।
अलावा करेले का रस निकाल कर उसे सेब के सिरके के साथ मिक्स करें
और बालों कि जड़ों में लगाएं।
बाल झड़ने के लिये हेयर फॉल को सही करने के लिये
करेले के रस में 1 चम्मच चीनी मिलाइये और
इस पेस्ट को बालों पर लगाइये। इससे प्राकृतिक रूप से बाल झड़ना बंद
हो जाएंगे।
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